प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोई पूछता है कि, तुमने आग क्यों लगाई? जब पुलिस ने पकड़ा तो हाथ-पैर कैसे टूट गए? तुम्हारे कारण 7 लोग जिंदा जल गए, उनकी मौत का पश्चाताप कैसे करोगे? पर आरोपी संजय उर्फ शुभम या तो मौन रहता है या मां से मिलाने की जिद करने लगता है। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी भी जल्द से जल्द उसके हाथ और पैर पर बंधे प्लास्टर के कटने के इंतजार में हैं। इसके लिए वो रोजाना जेल अस्पताल पहुंचकर आरोपी के हालचाल का अपडेट ले रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सके।