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‘तुम्हारे बेटे के अंग बेच देंगे, किडनी 2 लाख और हार्ट 3 लाख में… ‘

online fraud: एआइ की मदद से दसवीं के छात्र के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाकर बदमाशों ने उसके माता-पिता से करीब 1 लाख 2 हजार रुपए ठग लिए।

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crime (Photo Source - Patrika)

online fraud: एमपी में इंदौर शहर में ऑनलाइन ठगी का नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) की मदद से दसवीं के छात्र के अपहरण का फर्जी वीडियो बनाकर बदमाशों ने उसके माता-पिता से करीब 1 लाख 2 हजार रुपए ठग लिए। मामला सामने आते ही पीड़ित दंपती ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस इसे डीपफेक का मामला मानकर जांच कर रही है। एमआइजी थाना क्षेत्र में रहने वाले दंपती के अनुसार उनका बेटा 2 फरवरी को कोचिंग के लिए निकला था, लेकिन घर नहीं लौटा।

विदेशी नंबर से आया वीडियो कॉल

परिजन ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराते हुए सोशल मीडिया पर बेटे की फोटो और अपना संपर्क नंबर साझा कर दिया। अगले दिन 3 फरवरी को एक अज्ञात विदेशी नंबर से वीडियो कॉल आया। वीडियो में उनका बेटा घाट पर बैठा दिखाई दे रहा था और एक बदमाश उसकी पीठ पर चाकू से वार करता दिख रहा था। स्क्रीन पर चैट कर रहा ठग कहने लगा कि अभी तो इसे इतना ही मारा है। यदि रुपए ट्रांसफर नहीं दिए और फोन कट किया तो इसका गला काट देंगे।

क्यूआर कोड पर 30 हजार ट्रांसफर कर दिए

दंपती ने कहा कि हमारे पास पैसे नहीं है। पहले 70 हजार की मांग की गई, बाद में 30 हजार रुपए तत्काल भेजने को कहा गया। दंपती ने ठग द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर 30 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद बदमाश कहने लगा कि हमारा साथी तुम्हारे बच्चे को लेकर निकल गया है। वो मुझसे भी ज्यादा खतरनाक है। यदि वो भेजे गए रुपयों से मान जाता है तो ठीक नहीं तो आपको और रुपए भेजना होंगे।

किडनी 2 लाख और हार्ट 3 लाख में बिकता है

आरोपी लगातार कॉल पर धमकाता रहा और कहा कि बच्चे की किडनी 2 लाख और हार्ट 3 लाख में बिकता है। डर के चलते दंपती ने अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 2 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद आरोपी बच्चे को छोडऩे की बात टालता रहा।

यूके के नंबर और डीपफेक की जांच

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया, मामला डीपफेक प्रतीत हो रहा है। जिस नंबर से वीडियो कॉल आया वह यूके का है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर डाली गई बच्चे की तस्वीरों से ठगों ने एआइ की मदद से वीडियो तैयार किया। वीडियो में अपराधी ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा है।

बेटे के फोन से खुला राज

इसी बीच 3 फरवरी को बेटे ने अपने एक दोस्त को फोन कर बताया कि वह सांवरिया सेठ में है और सुरक्षित है। तब परिजन को समझ आया कि अपहरण की कहानी झूठी थी और वीडियो संभवत: एआइ तकनीक से तैयार किया गया था। अगले दिन बच्चा सकुशल घर लौट आया।