
patrika raksha kavach: फेसबुक पर युवती ने निवेश का झांसा देकर शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर को तीन करोड़ से अधिक की चपत लगा दी। महिला की बातों में आकर डॉक्टर ने भेजे गए वेब एड्रेस पर क्लिक कर निजी और बैंक संबंधित जानकारी रजिस्टर करवा दी। शुरुआत में उन्हें निवेश पर कुछ लाभ राशि खाते में भेजी गई। डॉक्टर ने युवती की बातों में आकर 64 ट्रांजेक्शन कर तीन करोड़ से अधिक राशि गंवा दी। ठगी की राशि रिकवर करने के चक्कर में डॉक्टर ने एक से डेढ़ करोड़ का लोन भी ले लिया था। पुलिस जांच कर रही है।
इंदौर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक फरियादी डॉक्टर की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4), 316(5), 111(4), 61 के तहत क्राइम ब्रांच में केस दर्ज किया है। फरियादी ने बताया, फेसबुक पर उनकी आरू भट्ट उर्फ आरती भट्ट नाम की युवती से पहचान हुई। उसने वाट्सऐप कॉल पर संपर्क कर ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल वेबफुल के बारे में बताया। उसने वेब एड्रेस भेज क्लिक करने का कहा। इसमें आरोपी ने सब जानकारी सबमिट करवाई। जानकारी रजिस्टर होने के बाद निवेश शुरू किया। हर बार वेबफुल नाम के पोर्टल में लाभ बताया गया। पैसा उक्त पोर्टल के वॉलेट अकाउंट में यूएसडीटी में दिखता था। फरियादी ने उक्त वॉलेट से 2 बार खाते में ट्रांसफर किया। खाते में पैसा आने के बाद से आरू ने ज्यादा पैसा कमाने का प्रलोभन दिया। एक करोड़ से अधिक का निवेश करवा लिया।
फरियादी ने निवेश राशि निकालने के लिए वेबफुल वेबसाइट के वाट्सऐप कस्टमर केयर पर कॉल किया तो उसने कहा, निवेश में लाभ का 30 प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा। डॉक्टर ने 55 लाख रुपए जमा कर दिए। फिर कंपनी के वॉलेट से राशि निकालने की कोशिश की। पोर्टल पर ट्रांसफर होने के बाद राशि कम बताई गई, लेकिन पैसा खाते में नहीं आया। कस्टमर केयर ने कहा, आपका पैसा रिजर्व बैंक ने रोक लिया है। 30 लाख नहीं दिए तो पैसा डूब जाएगा। उन्होंने 30 लाख जमा किए, लेकिन राशि नहीं आई।
डॉक्टर ने बताया कि ठगों ने फिर नई चाल चल दी। डिजिटल करेंसी एंड फंड एग्रीमेंट, फंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट के संबंध में 17 लाख 81 हजार 600 से अधिक राशि मांगी। डर दिखाने लगे कि पैसा नहीं चुकाया तो पूरे रुपए डूब जाएंगे। आखिरी उम्मीद लिए डॉक्टर ने यह पैसा भी जमा कर दिया। इसके बाद भी खाते में कोई राशि नहीं आई। इसके बाद ठगों ने फिर नया दांव खेला। कहने लगे कि इंटरनेशनल ब्लॉक चेन सर्वर सिक्योरिटी इंश्योरेंस कराना होगा जो ग्लोबल डीसीए इंश्योरेंस कंपनी करेगी। इसके लिए 25 लाख देना होंगे। पैसा नहीं दिया तो वॉलेट और खाता दोनों बंद हो जाएंगे।
पीड़ित ने बताए खाते में फिर पैसे जमा कर दिए। इस तरह युवती ने ब्लैकमेल कर पीड़ित से 64 ट्रांजेक्शन से 3 करोड़ 08 लाख से अधिक राशि जमा करवा ली। जब पीडि़त रुपए नहीं निकाल पाए तो उन्होंने बेटे को जानकारी दी। बेटे ने अपने मित्र को बताया तो उसने खुलासा किया कि अंकल के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई।
Published on:
11 Jan 2025 12:10 pm
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