पुलिस की ‘दोस्ती’ का नजारा- रिमांड पर चल रहे एडवाइजरी कंपनी के मालिक की हो रही ऐसी खातिरदारी

पुलिस की ‘दोस्ती’ का नजारा- रिमांड पर चल रहे एडवाइजरी कंपनी के मालिक की हो रही ऐसी खातिरदारी

Reena Sharma | Publish: Aug, 14 2019 12:01:54 PM (IST) Indore, Indore, Madhya Pradesh, India

विजय नगर थाने में पूरे समय सक्रिय रहा भाई, पुलिस को पता ही नहीं चला, फोन पर बात करने की भी दी जा रही छूट

इंदौर. धोखाधड़ी मामले में रिमांड पर चल रहे एडवाइजरी कंपनी मालिक को थाने में भी पुलिसकर्मी सुविधा देते रहे। उसका भाई पूरे समय थाना परिसर में घूमता रहा। बीच-बीच में आकर पुलिसवालों के सामने ही फोन पर बात भी करवाता। कंपनी मालिक के मोबाइल की जांच की जाए तो थाने के कई पुलिसकर्मियों की साठगांठ सामने आ सकती है।

must read : सांसद शंकर लालवानी ने बच्चों से कहा - जब भी निराश हों तिरंगे को देखें, ऊर्जा से भर जाएंगे

एसआईटी की टीम ने विजयनगर इलाके में पीयू 4 बिल्ंिडग में संचालित वेज २ कैपिटल कंपनी पर छापा मारा था। कंपनी मालिक निशांत चतुर्वेदी, आशीष यादव, अनुज व्यास, रवि गौर, अक्षय वर्मा को गिरफ्तार किया था। निशांत को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। उसकी कंपनी के दस्तावेज, कम्प्यूटर, हॉर्ड जब्त की थी। निशांत की विजयनगर थाने पर कुछ पुलिसकर्मियों से सांठगांठ थी।

must read : मां को मुखाग्नि देने के 4 घंटे बाद दिया पेपर, रिजल्ट आया और बन गया सिटी टॉपर, सच हुआ सपना

सांठगाठ के चलते रिमांड पर निशांत की खातिरदारी चलती रही। रिमांड अवधि में निशांत का भाई लगभग पूरे समय ही थाने के बाहर रहा। अधिकतर समय वह थाना परिसर में जमा रहा। बाद में पास के एक रेस्टोरेंट पर जाकर बैठ जाता। पुलिस उसे रिमांड पर कही लेकर जाती तो वह भी अपनी गाड़ी से पहुंच जाता।

must read : आरोपी के पास ब्लास्ट में यूज किया गया नैनो कार भी मिला है।

थाने के अंदर भी वह निशांत से मिलने के लिए बेरोकटोक आता जाता रहा। इस दौरान कई बार उसने निशांत को मोबाइल दिया, काफी देर तक वह बात करता रहा। पुलिसकर्मियों के सामने ही यह सब चलता रहा। जांचकर्ता एसआई बीएल कुमरावत व अन्य पुलिसकर्मी भी सब नजारा देखते रहे।

must read : VIDEO : बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ा नया सिस्टम, पिछली बार इसने मचाई थी तबाही, तेज बारिश शुरू

इस तरह से रिमांड पर आरोपी की खातिरदारी कई सवाल पैदा कर रही है। गौरतबल है कि निशांत पहले दो कंपनियां बंद कर चुका है। एक कंपनी को सेबी ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था। वहीं दूसरी कंपनी की ज्यादा शिकायतें होने पर उसने नई कंपनी शुरू कर ली थी। लोगो को दोगुने मुनाफे का झांसा देकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी की गई। इतना ही नहीं निशांत के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने वालों को बाउंसरों की मदद से दबाव बनाकर समझौता करने का आरोप भी है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned