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आत्महत्या को मजबूर बेबस पिता ने डीआईजी को कुछ यूं बताई दर्द की दास्तां

उनका कहना है कि बेटे ने जिन लोगों से करीब 3.5 लाख रुपए का कर्ज लिया है अब वे लोग उन्हें रुपयों के लिए परेशान कर रहे हैं।

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Kamal Singh

Jan 10, 2017

public hearing at dig harinarayan chari mishra off

public hearing at dig harinarayan chari mishra office at indore


इंदौर. आत्महत्या को मजबूर बेबस पिता ने डीआईजी की जनसुनवाई में अपनी परेशानी की दास्तां बताई तो स्वयं डीआईजी भी भावुक हो गए। बेटे की तलाश में आंसु बहा रहे बुजुर्ग पिता को महिला अधिकारी ने ढांढस बंधाया और एसिड की बोतल जब्त कर आत्महत्या से रोका। पिता का आरोप है कई दिन बीत गए हैं लेकिन उनके गुमशुदा बेटे का पता नहीं चल पाया है। उनका कहना है कि बेटे ने जिन लोगों से करीब 3.5 लाख रुपए का कर्ज लिया है अब वे लोग उन्हें रुपयों के लिए परेशान कर रहे हैं।

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खातीवाला टैंक निवासी भजनलाल राजपाल और उनकी पत्नी लक्ष्मी डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा की जनसुनवाई में कर्जदारों से परेशान होने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। दंपती उस हॉल में जा पहुंचे जहां डीआईजी लोगों की परेशानियों के बारे में जानकारी ले रहे थे। तभी अचानक भजनलाल अपने गुमशुदा बेटे के नहीं मिलने व कर्जदारों से परेशान होने की बात कहते हुए रोने लगे। वे अपने साथ पॉलीथीन में एसिड की बोतल लाए थे, जिसे वे पीकर जान देने की बात करने लगे। इस दौरान महिला थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने उन्हें ढांढस बंधाया और उनके हाथों से एसिड की बोतल जब्त की। टीआई शर्मा ने विलाप कर रहे भजनलाल से यह भी पूछा की क्या पुलिस आपकी मदद नहीं कर रही है। खुद डीआईजी ने भी शिकायत करने पहुंचे दंपती से चर्चा कर मामले में पुलिस जांच करने की बात कही।


पिता भजनलाल ने बताया कि उनका बेटा चेतन राजपाल छावनी में प्रीतम ट्रेडर्स पर नौकरी करता है। 27 दिसंबर से वह लापता है। उसके मोबाइल फोन बंद हैं। मामले में संयोगितागंज पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की है, लेकिन अब तक उसे ढूंढ़ नहीं पाई है। उनके बेटे ने करीब 3.5 लाख का कर्ज लिया है। उसकी आगामी 30 अप्रैल को शादी होना है। उसके गुम हो जाने के बाद सूदखोर उन्हें रुपयों की मांग कर परेशान कर रहे है। इधर, मामले में डीआईजी मिश्रा ने बताया कि गुमशुदा की तलाश जारी है। जांच में पता चला है की चेतन ने सट्टा खेलने के लिए लोगों से रुपए उधार लिए थे। जिन लोगों से उसने कर्ज लिया था वे लोग अपनी मूल रकम उसके परिजनों से मांग रहे है।फिलहाल मामला सूदखोरी से जुड़ता नजर नहीं आ रहा है।

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ऑनलाइन गेम खेलकर ठगाए शेयर कारोबारी

देवास नाका, पंचवटी निवासी गोपाल खंडेलवाल ने बताया कि वे शेयर मार्केट में ऑनलाइन ट्रेडिंग का कार्य करते हंै। खंडेलवाल ने आइडिया कंपनी की 9 अलग-अलग सिमों से प्ले फॉर गोल्ड सीजन-2 चैलेंज नामक ऑनलाइन गेम से 20-20 लाख रुपए के छह इनाम जीते हैं। आरोप है कंपनी ने उनके साथ धोखाधड़ी कर 5 सिम से गेम खेलना बताकर बाकी 4 सिम का डाटा करप्ट कर दिया है। गेम के शुरुआती दौर में उनसे 900 सवाल पूछे गए थे। जिनके जवाब देने के लिए खंडेलवाल से कंपनी ने प्रत्येक सवाल पर 2 रुपए प्रीपेड नंबर से बेलेंस काटा है।

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आरोप है कुल 9 सिम से ऑनलाइन गेम खेलने पर उनके साथ 16,200 रुपए की चपत लगी है जिसके एवज में उन्हें लाखों के इनाम दिए जाने थे। गेम खेलने के बाद कंपनी के टोल नंबर से उन्हें 5 व 6 नंबर का मैसेज प्राप्त हुआ था, जिसके बाद उन्होंने 20 राउंड खेलकर 9 लाख रुपए जीते थे। उन्होंने कंपनी की शिकायत पुलिस को करने की बात कही तो कंपनी ने उनके मोबाइल में 500 रुपए के 6 रिचार्ज कर दिए। मामले में डीआईजी ने क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की बात कही है।

कॉलोनी के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी
अहमदाबाद निवासी गोपाल जेथलिया व बीमा नगर निवासी अंकित पापड़ीवाल ने डीआईजी के समक्ष मौर्या हिल्स कॉलोनाइजर के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की है। जेथलिया ने बताया, कॉलोनाइजर उत्तम झंवर, उनकी पत्नी उर्मिला झंवर, बेटे धु्रव व दीप ने 1997 में खजराना क्षेत्र में जमीन खरीदी थी। आरोप है तब उत्तम झंवर ने मोर्या हिल्स पर विश्वस्तरीय कॉलोनी बनाने के नाम पर करीब 200 लोगों से रुपए एेंठे थे। कॉलोनी में स्विमिंग पुल, क्लब, बगीचे, लैंड स्कैप, रोड, ड्रेनेज, पानी, बिजली, गार्ड, सीसीटीवी कैमरे मुहैया करवाने की बात कहते हुए प्रस्तावित नक्शा भी दिया था। शिकायतकर्ताओं ने वादे के बाद भी काम नहीं होने पर वे उत्तम व अतुल झंवर से फोन पर बात करते रहे।

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हर बार उन्हें यही आश्वासन मिलता था कि मास्टर प्लान में जमीन रेसीडेंशियल हो जाएगी, तो विकास शुरू किया जाएगा, लेकिन 1 जनवरी 2008 को मास्टर प्लान लागू होने के बाद भी मौर्या हिल्स की 133 एकड़ जमीन पर विकास नहीं हुआ। बाद में उन्हें पता चला कि जमीन में जिस हिस्से में उन्हें प्लॉट दिए गए हंै उस जगह पर मास्टर प्लान में बिचौली हप्सी-कनाडि़या लिंक रोड प्रस्तावित है। आरोप है झंवर परिवार ने रोड की जमीन के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की है। अब झंवर परिवार उनसे फोन पर संपर्क नहीं कर रहा है। मामले में डीआईजी मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं।