
मुंह का कैंसर तुरंत बतानेवाली मशीन
इंदौर। राजा रामन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र (आरआरकैट) इंदौर ने बीमारियों से निपटने के लिए कमाल का काम किया है. आरआरकैट के स्थापना दिवस समारोह में बताया गया कि संस्थान ने कैंसर और टीबी जैसे रोगों से निपटने के साथ ही कोरोना संक्रमण के लिए भी उपकरण बनाए हैं. समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र कलपक्कम के निदेशक डा. बी वेंकटरमण के साथ आरआरकैट के निदेशक डा. शंकर वी नाखे ने लेजर, एक्सेलेरेटर और संबंधित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आरआरकैट द्वारा किए गए प्रमुख योगदानों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया.
डा. बी वेंकटरमण ने बताया कि हमने तकनीक का हस्तांतरण ऊष्मायन के लिए किया है जो विकिरण के वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय पूरी तरह डीप लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी पर केंद्रित हो गई है. इस तकनीक पर आधारित उपकरणों को तैयार करने पर संस्थान काम कर रहे हैं. इस दौरान आरआरकैट में विकसित प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण किया गया.
आरआरकैट में हुए महत्वपूर्ण शोध में सबसे अहम आंको डायग्नोस्कोप है जोकि मुंह के केंसर की मिनिटों में पहचान कर लेता है. आरआरकैट ने यह मशीन करीब चार लाख रुपये की लागत से बनाई है. संस्थान के प्रो. शोवन मजूमदार की इसे बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इससे मुंह के कैंसर का आसानी से पता लगाया जा सकता है.
विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर होने पर मरीज को मुंह खोलने में दिक्कत आने लगती है. अगर किसी को कैंसर होने की आशंका है तो उसकी जानकारी मशीन दे देती है. कुछ मिनट में ही मशीन परिणाम बता देती है. टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई और प्रदेश में बड़े पैमाने पर मशीन का उपयोग किया जा चुका है. प्रदेश में पांच हजार से ज्यादा लोगों की मशीन से जांच की जा चुकी है. अब आरआरकैट ने मशीन की तकनीकी को हैदराबाद की ईसीआइएल कंपनी को हस्तांतरित कर दी है.
Published on:
22 Feb 2022 09:50 am
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