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इंदौर में एक साथ उठी चार अर्थियां तो रो पड़े लोग, 7 साल के बेटे ने मां को दी अंतिम विदाई

Four women last rites: सांवेर में चार मजदूर महिलाओं की अर्थियां एक साथ उठी। मकान मालिक और ध्वस्तीकरण ठेकेदार पर केस दर्ज। परिजनों ने मांगा 25-25 लाख रुपए मुआवजा।
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इंदौर

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Akash Dewani

Sep 18, 2026

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Sanwer house wall collapse: एक साथ उठी चार महिलाओं की अर्थियां (फोटो सोर्स- Patrika)

Sanwer House wall collapse: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक साथ चार अर्थियां उठते देख पूरा क्षेत्र रो पड़ा। जिले के सांवेर में गुरुवार को सांवेर के छत्रीबाग श्मशान घाट का माहौल ऐसा था, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई। एक साथ चार अर्थियां पहुंचीं और एक ही छत के नीचे चार चिताएं सजीं (Four women last rites)। बुधवार शाम पुराने मकान की दीवार ढहने से दुनिया छोड़ देने वाले चार मजदूर महिलाओं को एक साथ अंतिम विदाई दी गई। इनमें दो सगी देवरानी-जेठानी थीं, जबकि तीसरी महिला उनकी काकी सास थी। चौथी मृतका भी उसी रविदास समाज के परिवार से जुड़ी थीं।

सबसे मार्मिक दृश्य तब रहा, जब 25 वर्षीय चंदाबाई के सात साल के बेटे ने मां की चिता को मुखाग्नि दी। आसपास खड़े लोगों की आंखें भर आईं। कुछ देर पहले तक जिन चार महिलाओं के हाथ परिवार चलाने के लिए मजदूरी करते थे, उनकी अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा रविदास मोहल्ला शोक में डूब गया।

एक हादसे ने चार घरों की खुशियां छीन लीं

हादसे में रविदास मोहल्ला वार्ड-15 निवासी सुशीलाबाई पति रमेश (50), सीमा पति भेरूलाल (35), रीना पति लाखन (30) और चंदाबाई पति राहुल (25) की मौत हुई थी। बुधवार रात हादसे की खबर के बाद मोहल्ले में किसी घर में चूल्हा तक नहीं जला। समाज के लोग रातभर सांवेर के सरकारी अस्पताल के बाहर बैठे रहे। गुरुवार सुबह पीएम के बाद चारों शव परिजनों को सौंपे गए। इसके बाद एक साथ अंतिम यात्रा निकली। सांवेर में एक ही समाज की चार महिलाओं की एक साथ अर्थियां निकलने का यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं।

देवरानी-जेठानी और काकी सास भी साथ चली गईं

हादसे में जान गंवाने वाली रीना और चंदाबाई सगी जेठानी-देवरानी थीं। दोनों के एक-एक बेटे और दो-दो बेटियां हैं। रीना के पति की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी थी। हादसे में दोनों की काकी सास सीमा की भी जान चली गई। वहीं 50 वर्षीय सुशीलाबाई भी रविदास समाज के स्थानीय जाटवा परिवार से बेटी-बुआ के रिश्ते में जुड़ी थीं। एक ही हादसे ने इन परिवारों से एक साथ चार महिलाओं को छीन लिया।

सात साल के बेटे ने दी मां को अंतिम विदाई

चारों चिताएं एक साथ सजीं तो शोक का माहौल और गहरा हो गया। चंदाबाई के सात वर्षीय बेटे को जब मां की चिता को मुखाग्नि देने के लिए आगे लाया गया तो मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। जिस उम्र में बच्चे मां की उंगली पकडकऱ चलते हैं, उसी उम्र में उसे मां को अंतिम विदाई देनी पड़ी। हादसे की भयावहता और परिवार पर टूटे दुख का यह दृश्य लंबे समय तक लोगों की आंखों में बना रहा।

मकान मालिक और ठेकेदार पर केस

हादसे के बाद पुलिस ने मकान मालिक और मकान ध्वस्त करने वाले ठेकेदार के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार विरेंद्र पिता हजारीलाल जैन निवासी न्यू पलासिया, इंदौर और मकान ध्वस्त करने वाले ठेकेदार मोईनुद्दीन खत्री निवासी खजराना, इंदौर के खिलाफ मृतका सुशीलाबाई के भतीजे लीलाधर पिता बद्रीलाल जाटवा की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।