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पेट्रोल-डीजल से छुटकारे की तैयारी, हर 1 किमी. पर बनेंगे ‘चार्जिंग पॉइंट’

MP News: नई ईवी पॉलिसी के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है।

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Vehicle charging points

Vehicle charging points (Photo Source- freepik)

MP News: शहर अब प्रदूषण कम करने और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इंदौर सहित प्रदेश के बड़े शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी ) सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया जा रहा है, जबकि अगले चरण में नई ईवी पॉलिसी के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के तहत इंदौर, भोपाल, सहित शहर मे बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

उपलब्ध कराई जाएंगी चार्जिंग सुविधाएं

खास बात यह है कि शहरों में हर 1 किलोमीटर के ग्रिड में चार्जिंग पॉइंट विकसित करने की योजना है, वहीं प्रमुख हाईवे पर 20 से 100 किलोमीटर के अंतराल पर चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ईवी उपयोगकर्ताओं को भी राहत मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच सालों में इन शहरों में 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदला जाए। इसके लिए नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव है, जिससे आम लोगों और व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं को भी ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

कमर्शियल सेगमेंट पर भी ध्यान

केवल निजी वाहन ही नहीं, बल्कि कमर्शियल सेगमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और ए्बुलेंस जैसे भारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने की दिशा में काम शुरू किया जा रहा है। इससे न केवल डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता घटेगी, बल्कि शहरों में वायु गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि योजना तय समय पर लागू होती है तो इंदौर जैसे शहर देश के अग्रणी ईवी हब बन सकते हैं। आने वाले वर्षों में यह पहल न सिर्फ ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदल देगी, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ शहरी विकास का नया मॉडल भी पेश करेगी।

दो साल और मिल सकती है टैक्स में छूट

इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वाहन कर और पंजीयन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट को दो साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही शासन से इसकी मंजूरी भी मिलने की भी उम्मीद है। पिछले साल मार्च 2025 में लागू हुई ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर एक साल की टैक्स छूट दी गई थी। यह छूट 27 मार्च 2026 को खत्म हो चुकी है। अब सरकार इसे आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हों।