
प्रेमिका की फरमाइश पर ढाई करोड़ में खरीदी विराट कोहली की कार, अब फंसा ये पेंच
इंदौर. कॉल सेंटर के जरिए अमरीकी नागरिकों से ठगी के मामले में साइबर सेल के ईमेल का अमरीकी एजेंसी एफबीआई ने शुक्रवार को जवाब भेजा है। इसमें उसने पीडि़त नागरिकों की पहचान करने के साथ जांच में मदद को कहा है। एसपी साइबर सेल जितेंद्र सिंह ने बताया, एफबीआई की टीम को इंदौर आने पर सभी पीडि़त अमरीकी नागरिकों की सूची देंगे। इंदौर साइबर सेल के मुताबिक गिरोह का सरगना नोएडा निवासी शैगी उर्फ सागर ठाकुर है। उसने इतनी ज्यादा रकम ठगी कि वह यूं ही दोस्तों को महंगी कारें गिफ्ट किया करता था। वह अपनी प्रेमिका की फरमाइश पर क्रिकेटर विराट कोहली की ढाई करोड़ रुपए की कार खरीदने को लेकर चर्चा में आया था। जब वह पकड़ा गया तो उसके कॉल सेंटर में काम करने वाले देश के विभिन्न हिस्सों के कॉल सेंटर में चले गए और ठगी करने लगे। इस तरह के ठगी के कॉल सेंटर चलाने वाले शैगी को आइडियल मानते है। उसी को फॉलो भी करते है। इसका खुलासा इंदौर सायबर सेल ने किया है।
कॉल सेंटर चलाने वाले मुख्य आरोपी जावेद, शाहरुख और भाविल को भेजा जेल
साइबर सेल ने सोमवार रात सी-21मॉल के पीछे पीयू-4 में कॉल सेंटर पर छापा मार 78 कर्मचारी पकड़े थे। कॉल सेंटर संचालक मुख्य आरोपी जावेद मेनन, शाहरुख व भाविल को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ में चार अन्य कॉल सेंटर का खुलासा हुआ। ये सेंटर बंद हैं और संचालक फरार हैं।
आरोपियों ने अमरीकी सिनीयर सिटीजन को मुख्य रूप से निशाना बनाया है। आरोपियों की निशानदेही पर साइबर सेल ने कम्प्यूटर, लैपटॉप व बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए हैं। रिमांड खत्म होने पर तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
30 लाख का हुआ घाटा, बिक गया घर
आरोपी जावेद मेनन अहमदाबाद का है। उसके पिता रफीक प्रॉपर्टी ब्रोकर हैं। इस दौरान उसका परिचय कोलकाता निवासी मुस्तकीद से हुआ। मुस्तकीद ने साथ उसने अमरीकी नागरिकों को ठगना शुरू किया। बाद में जावेद ने कॉल सेंटर शुरू किया तो उसे 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
मकान मालिकों को नोटिस
जावेद ने कर्मचारियों के रहने के लिए फ्लैट किराए पर लिए थे। इनके मकान मालिकों को साइबर सेल ने नोटिस देकर पूछा है कि पुलिस को उन्होंने जानकारी दी थी या नहीं। कुछ मकान मालिकों और ऑफिस व फ्लैट वालं को नोटिस दिए हैं।
फ्रॉड से बचाने के लिए बनाया गु्रप
साइबर सेल के विशेष पुलिस महानिदेशक पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि स्टॉप बैंकिंग फ्रॉड नामक ऑनलाइन ग्रुप में देशभर के पुलिस अफसर व ई-कॉमर्स कंपनियों के नोडल अधिकारी शामिल हैं। इसके माध्यम से अब तक ५ करोड़ रुपए की धांधली रोकी जा चुकी है। बैंक फ्रॉड रोकने के लिए टीम बनाई है।
क्लोजर की अहम भूमिका
सायबर सेल एसपी जितेन्द्र सिंह ने बताया गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के कॉल सेंटर में नौकरी कर चुके हैं। इनकी 22 हजार रुपए से तनख्वाह शुरू होती है। इसमें तीन तरह के लोग होते थे। पहला डायलर, दूसरा ब्राडकास्टर और तीसरा क्लोजर। डायलर फोन लगाकर बात करता था। क्लोजर को एक डील पर एक डॉलर का अतिरिक्त कमीशन भी मिलता था।
Published on:
15 Jun 2019 12:41 pm
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