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तो इस वजह से बढ़ रहा है किडनी रोग, 5 साल में 442 ट्रांसप्लांट, अब भी इतने मरीज कतार में

वर्ल्ड किडनी डे: इंदौर की ही बात करें तो यहां पिछले 5 वर्षों में 442 किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं, जबकि 166 लोग सोटो से किडनी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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वर्ल्ड किडनी डे: तो इस वजह से बढ़ रहा है किडनी रोग, 5 साल में 442 ट्रांसप्लांट, अब भी इतने मरीज कतार में

इंदौर. विश्वभर में 10 मार्च को वर्ल्ड किडनी डे के रूप में मनाया जाता है। किडनी हमारे शरीर का वो महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से गैर जरूरी गंदगी बाहर निकालकर उसे स्वस्थ रखने का काम करती है। लेकिन, इन दिनों बिगड़ती दिनचर्या और बदलते खानपान के तरीकों ने किडनी के कार्यों का बोझ बढ़ा दिया है। इसके साथ साथ फिटनेस के लिए भी अकसर लोग बिना समझे प्रोटीन डाइट और फास्ट फूड में अतिरिक्त नमक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके परिणाम स्वरूप किडनी के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। प्रदेश की आर्थिक नगरी इंदौर की ही बात करें तो यहां पिछले 5 वर्षों में 442 किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं, जबकि 166 लोग सोटो से किडनी मिलने का इंतजार कर रहे हैं।


शहर के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप सालगिया के अनुसार, किडनी के मरीजों की संख्या वैश्विक तौर पर इतनी तेजी से बढ़ रही है कि, मौजूदा समय में दुनिया में हर 10वां युवा किडनी की समस्या से ग्रस्त है। इसके अलावा, मृत्यु का 5वां प्रमुख कारण किडनी की बीमारी है। किडनी के मरीजों को हार्ट संबंधी समस्या की आशंका भी अधिक होती है। उन्होंने बताया कि, शहर में करीब 2000 मरीज नियमित रूप से डायलिसिस करा रहे हैं। किडनी संबंधी बीमारियों के अन्य मरीजों की तादाद इससे कई गुना अधिक है।

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मरीजों में 5फीसदी बच्चे भी, महिलाओं के मुकाबले 5 गुना अधिक पुरुष ग्रस्त

हैरानी की बात तो ये है कि, सिर्फ इंदौर में ही मौजूदा किडनी के मरीजों में से 5 फीसदी मरीज बच्चे हैं। ये बच्चे भी छोटी छोटी उ्मर में डायलिसिस पर हैं। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शिल्पा सक्सेना कहती हैं कि, बच्चों में किडनी की बीमारी हाई बीपी के कारण होती है। लक्षण अलग होने से पहचान में समय लगता है। शहर में 5 वर्ष में 398 लाइव किडनी डोनेशन हुए। कुल 442 मरीजों का ट्रांसप्लांट हुआ। महिलाओं की तुलना में पांच गुना अधिक पुरुष मरीज थे।


इस तरह रख सकते हैं किडनी को स्वस्थ

मध्य प्रदेश किडनी स्पेशलिस्टों की मानें तो किडनी की बीमारी की चेतावनी के संकेत मिलते हैं, लेकिन लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं। नियमित रूप से शुगर की जांच कराना और शरीर का वजन उचित बनाए रखना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक कदम है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, किडनी को स्वस्थ रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए, साथ ही नमक वाले आहार का सेवन कम से कम करना चाहिए।

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