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जारी रहेगी र्इ-कॉमर्स कंपनियों में बंपर छूट, सरकार के नियमों का निकाला तोड़

र्इ-काॅमर्स कंपनियां अपनी सहायक कंपनियों के कारोबारी ढांचे में बदलाव कर जारी उत्पादों की बिक्री रखेगी। जिससे उत्पादों पर छूट देने में भी कोर्इ परेशानी नहीं होगी।
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Saurabh Sharma

Feb 05, 2019

Flipkart and Amazon

जारी रहेगी र्इ-कॉमर्स कंपनियों में बंपर छूट, सरकार के नियमों का निकाला तोड़

नई दिल्ली। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के तहत ऑनलाइन स्टोर चलाने वाली र्इ-कॉमर्स कंपनियों ने नए नियमों का तोड़ खोज निकाला है। अपनी हिस्सेदारी वाली कंपनियों के बिजनेस मॉडल में बदलाव करके वे अपने प्लेटफाॅर्म पर उनके उत्पादों की बिक्री जारी रखेंगी। जिसके बाद बंपर छूट देने में भी कोर्इ पेरशानी नहीं होगी। इससे कंज्यूमर को भी काफी फायदा होगा। आपको बता दें कि इस नियम के बाद अमेजन आैर फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों पर काफी दबाव आ गया है। अमेजन जैसी कंपनियों के शेयर्स के दाम भी काफी गिर गए हैं। अमेजन इस पर काम करना शुरू कर दिया हैै।

अमेजन कर रहा है बदलाव
अमरीकी कंपनी अमेजन की भारतीय इकाई अमेजन इंडिया अपनी साझेदारी वाली कंपनियों और सहयोगी इकाइयों के कई उत्पादों की बिक्री बंद करने के बाद अमेजन अब अपनी इन कंपनियों का कारोबारी ढांचा इस तरह बदलने जा रही है कि नए नियम आड़े नहीं आने पाएंगे। सूत्रों के मुताबिक क्लाउडटेल और एपैरियो जैसी अमेजन की 49 फीसदी हिस्सेदारी वाली कंपनियां अब सीधे ग्राहकों को सामान बेचने के बजाय थोक बिक्री वाली कंपनियों में बदल दी जाएंगी। नए बिजनेस मॉडल के तहत ये सीधे ग्राहकों को सामान बेचने के बजाय थर्ड पार्टी तरजीही खुदरा विक्रेताओं (प्रिफर्ड सेलर्स) को सामान बेचेंगी और यह सेलर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ग्राहकों को सामान बेचेंगे।

बी2सी से बी2बी में बदल जाएगी कंपनियां
इस प्र्रकार अमेजन अपनी सहायक क्लाउडटेल और एपैरियो के कारोबारी ढांचे को बिजनेस टू कन्ज्यूमर (बी2सी) से बदल कर बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) करके नए नियमों की पाबंदियों से बच सकती है। बताया जा रहा है कि वाॅलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट भी काफी कुछ इसी तरह के विकल्प पर विचार कर रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इन कंपनियों की ओर से इसपर कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

कई दिनों से चल रही थी तैयारी
अमेजन की सहायक कंपनियों के साथ काम करने वाले कई ब्रैंडों के सप्लायरों के मुताबिक नए र्इ-कॉमर्स नियमों का मसौदा सामने आने के साथ ही अमेजन ने इसके उपायों पर विचार करना शुरू कर दिया था। उसके कैटिगरी मैनेजरों ने हर श्रेणी के उत्पादों की बिक्री के लिए प्रेफर्ड सेलर्स को ढूंढना शुरू कर दिया था।

जारी रहेगी बंपर छूट
सूत्रों का बताना है कि नए बिजनेस मॉडल के तहत अब क्लाउडटेल और एपैरियो सीधे ग्राहकों को बिक्री न करके भी परोक्ष रूप से कीमतों को नियंत्रित करेंगी क्योंकि रिटेल विक्रेताओं से उत्पादों के लिए ली जाने वाली कीमत उनके ही हाथों में होगी। इस तरह परोक्ष व्यवस्था के जरिए ग्राहकों को पहले की तरह भारी छूट की पेशकशें (बंपर डिस्काउंट) मिलती रहेंगी।