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अनिल अंबानी की Rcom 10 साल में 1.66 lakh cr. से 1,637 cr. तक पहुंची, अब होगी दिवालिया

10 साल पहले आरकाॅम कंपनी का मार्केट कैप 1.66 लाख करोड़ रुपए था, वो अाज 1,637 करोड़ रुपए की कंपनी बनकर रह गर्इ है।
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Saurabh Sharma

Feb 05, 2019

Rcom

अनिल अंबानी की Rcom 10 साल में 1.66 lakh cr. से 1,637 cr. तक पहुंची, अब होगी दिवालिया

नर्इ दिल्ली। मौजूदा समय में देश का सबसे हाॅट शारदा चिटफंड घोटाला, ममता बनर्जी का धरना, विजय माल्या को भारत लाने की मंजूरी बने हुए हैं। लेकिन पिछले दो दिनों से देश के सबसे बड़े आैद्योगिक घराने के सुपुत्र अनिल अंबानी की आरकाॅम दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चकी है। यह चर्चा कहीं ना कहीं इन मामलों के बीच दबकर रह गर्इ है। आरकाॅम जिसने टेलीकाॅम इंडस्ट्री सूरत बदल कर रख दी थी। जो दस साल पहले देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकाॅम कंपनी थी। जिसका मार्केट में हिस्सेदारी 17 फीसदी से अधिक थी। कौन कह सकता है कि वो कंपनी आज दिवालिया होने के कगार पर पहुंच चुकी है। 10 साल पहले कंपनी का मार्केट कैप 1.66 लाख करोड़ रुपए था वो अाज 1,637 करोड़ रुपए की कंपनी बनकर रह गर्इ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि आरकाॅम की शुरुआत 27 दिसंबर 2002 कोर्इ थी, जबकि धीरूभार्इ अंबानी का जन्मदिन 28 दिसंबर को आता है। आइए जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर आरकाॅम का सूर्यास्त कैसे हुआ…

792 रुपए से 6 रुपए से नीचे आ गया कंपनी का शेयर
आरकाॅम कंपनी के शेयरों में काफी गिरावट आ चुकी है। अब से 10 साल पहले कंपनी का शेयर 792 रुपए रुपए था। उस समय यह आंकड़ा काफी अच्छा माना जाता था। 5 फरवरी यानि आज कंपनी का शेयर 6 रुपए से भी नीचे 5.92 रुपए प्रति आ चुका है। कंपनी का मार्केट कैप 10 सालों में 1.66 लाख करोड़ रुपए से 1,637 करोड़ रुपए तक आ गर्इ है। पिछले कुछ सालों जितनी दुर्गति आरकाॅम की हुर्इ है। उतनी किसी टेलीकाॅम कंपनी नहीं हुर्इ है।

टेलीकाॅम इंडस्ट्री पर 17 फीसदी की थी हिस्सेदारी
जब अंबानी बंधुआें के बीच बंटवारा हुआ था, तब आरकाॅम अनिल अंबानी के हिस्से में आर्इ थी। तक अनिल अंबानी के ग्रुप की आरकाॅम फ्लैगशिप कंपनी थी। 2010 तक आरकाॅम की टेलीकाॅम इंडस्ट्री में हिस्सेदारी 17 फीसदी तक पहुंच गर्इ थी आैर देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकाॅम कंपनी बन चुकी थी। उसी के बाद अनिल अंबानी पर कर्ज बढ़ना शुरू हो गया। तब अनिल अंबानी पर कर्ज 25 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 45 हजार करोड़ रुपए पहुंच चुका है।

इस वजह से बर्बाद हुर्इ आरकाॅम
आरकाॅम के बर्बाद होने की वजहें तो वैसे कर्इ सारी हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह है गलत एक्सपेंशन प्लान। जिससे कंपनी पर कर्ज लगातार बढ़ता गया, जिसे कंपनी नहीं चुका सकी। 2016 में जियो के आ जाने से शुरू हुए डाटा वाॅर के कारण सबसे ज्यादा नुकसान आरकाॅम को ही हुआ। जिससे वो टेलीकाॅम इंडस्ट्री के गलाकाट प्रतियोगिता में टिक नहीं सकी।