जुलाई तक घरेलू हवाई किराए में नहीं आएगी कमी, अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर उड़ान भरना है तो हो जाएं खुश

जुलाई तक घरेलू हवाई किराए में नहीं आएगी कमी, अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर उड़ान भरना है तो हो जाएं खुश

Ashutosh Kumar Verma | Publish: May, 15 2019 05:20:34 PM (IST) | Updated: May, 15 2019 05:20:35 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • केयर रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि घरेलू रूटों पर हवाई किराए में नहीं मिलेगी राहत।
  • स्पाइसजेट द्वारा बिजनेस क्लास के ऐलान के बाद अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर सस्ता रहेगा हवाई किराया।
  • किरायों में बढ़त की वजह से विमान कंपनियों के ऑपरेटिंग मॉर्जिन में हो सकेगा सुधार।

नई दिल्ली। निकट भविष्य में यदि आप भी हवाई यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो आपकी जेब पर इसका बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि आने वाले दिनों में घरेलू रूट्स ( Domestic routes ) पर हवाई किराए ( Airfare ) में कोई राहत नहीं मिलने वाली है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई माह से पहले हवाई किरायों में कोई राहत नहीं मिलने वाली है। कई घरेलू विमान कंपनियां जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के स्लॉट को तेजी से कब्जा करने में कामयाब हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जेट के स्लॉट्स पूरी तरह से नहीं भर पाएंगे। जेट एयरवेज द्वारा खाली किए गए 766 स्लॉट्स में से 480 स्लॉट्स इंडिगो ( indigo ), स्पाइसजेट ( SpiceJet ) और विस्तारा को बांटे जा चुके हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए सस्ती होंगी टिकटें

रेटिंग एजेंसी केयर रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि हवाई किरायों में बढ़ोतरी की वजह से पैसेंजर ट्रैफिक पर भी असर पड़ेगा। घरेलू ट्रैवलर्स की संख्या में 8-12 फीसदी तक की कमी आ सकती है। हालांकि, दूसरी तरफ अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के किराए में यात्रियों को राहत मिल सकती है। हाल ही में बजट कैरियर स्पाइसजेट ने अंतर्राष्ट्रीय रूटों पर बिजनेस क्लास शुरू करने का ऐलान किया है। स्पाइसजेट अब मुंबई से बैंकॉक, हांगकांग, जेद्दाह, दुबई, कोलंबो, ढाका, रियाद, और काडमांडू के लिए उड़ाने भरेगी।

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मौजूदा विमान कंपनियों को हो सकेगा फायदा

जेट एयरवेज संकट के बाद देश की एविएशन सेक्टर ने सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया है। कई घरेलू विमान कंपनियां कुछ समय के लिए वित्तीय परेशानियों को सामना कर रहीं थी, लेकिन जेट संकट के बाद उनके पास अब संभलने का मौका है। केयर रेटिंग्स ने कहा है कि किराए में बढ़ोतरी से मौजूदा विमान कंपनियों का ऑपरेटिंग मार्जिन पहले से बेहतर हो सकेगा। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रतिस्पर्धा कम होने और हवाई किराए बढऩे से वित्त वर्ष 2020 के लिए कंपनियों का ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर हो सकेगा। हालांकि, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी इन कंपनियों का मुनाफा निर्भर करेगा।

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