
नई दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, ई-हुक्का और इसी तरह के अन्य उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। विदेश व्यापार के डायरेक्ट्रेट जनरल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उत्पादन, आयात, वितरण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए 18 सितंबर को सरकार ने अध्यादेश जारी किया था, जिसके तहत आज अधिसूचना जारी की गई है। यह नियम उन वस्तुओं पर लागू नहीं होगा जिनके पास ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम 1940 के तहत लाइसेंस प्राप्त है।
18 सितंबर को जारी हुए अध्यादेश में कहा गया था कि वैकल्पिक धूम्रपान उपकरणों के उत्पादन, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री या विज्ञापन बनाने वालों को जेल और जुर्माना चुकाना पड़ेगा। पहली बार उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की जेल और 1 लाख रुपए के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। अध्यादेश के अनुसार, अगर उसके बाद भी ऐसा करते पाया जाता है तो उसे लिए तीन साल तक की जेल या 5 लाख रुपए का जुर्माना या दोनों भरना होगा।
वहीं दूसरी ओर ई सिगरेट के स्टोरेज पर भी जुर्माना और कैद का प्रावधान किया गया है। ई-सिगरेट के भंडारण पर अब छह महीने की कैद या 50,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। हाल ही में डीजीएफटी, जो वाणिज्य मंत्रालय के अधीन है ने ई-सिगरेट के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
Updated on:
30 Sept 2019 02:57 pm
Published on:
30 Sept 2019 02:57 pm
