4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्पाइसजेट की उड़ान में फ्री में मिलेगा इंटरनेट, विस्तार योजना के तहत आएगी 205 बोइंग विमान

मैक्स-8 विमान में यात्रियों को इंटरनेट उपलब्ध कराने की सुविधा पहले से ही मौजूद है।
2 min read
Google source verification
spice jet

फेसबुक का खुलासा : 3 करोड़ यूजर्स का डाटा हुआ चोरी

नई दिल्ली। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट के बेड़े में शुक्रवार को पहला बोइंग 737मैक्स-8 विमान शामिल हुआ। इससे 737 एनजी की तुलना में विमान ईंधन पर कंपनी की लागत 15 फीसदी और रखरखाव पर 30 फीसदी कम होगी। यह कंपनी की ओर से ऑर्डर किए गए 205 मैक्स विमानों में से पहला विमान है। इस साल के अंत तक नौ और मैक्स विमान उसके बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। कंपनी ने पिछले साल जनवरी में 22 अरब डॉलर का 205 मैक्स-8 विमानों का ऑर्डर दिया था।

हर विमान में मिलेगी इंटरनेट सुविधा

स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने बताया कि कंपनी इन विमानों का उपयोग पश्चिम एशिया, पूर्वी एशिया के अधिकतर हिस्सों और पूर्वी यूरोप के लिए उड़ानें शुरू करने में करेगी। संभावित गंतव्यों में सिंगापुर, दोहा, कुवैत, पूर्वी चीन, पूर्वी यूरोप, ईरान और आबू धाबी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि लागत के मामले में किफायती होने के अलावा ये विमान 40 फीसदी कम ध्वनि प्रदूषण करते हैं। इनका नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन 50 फीसदी कम है और ये कार्बन उत्सर्जन भी कम करते हैं। सिंह ने बताया कि यह विमान ब्रॉडबैंड सेवा के लिए पहले से डिजाइन हैं और नियामक मंजूरी मिलने के बाद स्पाइसजेट मैक्स-8 के अपने सभी मार्गों पर सभी यात्रियों के लिए ब्रॉडबैंड सुविधा उपलब्ध कराएगी। हर यात्री के लिए मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग के प्वाइंट होंगे।

मैक्स-8 विमानों से कंपनियों को होगी बचत

बोइंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष तथा एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विपणन प्रमुख दिनेश केसकर ने बताया कि 189 सीट वाले ये विमान लगातार सात घंटे या 3,500 समुद्री मील की उड़ान भरने में सक्षम हैं जो बोइंग 737-800 विमानों की तुलना में 19 फीसदी ज्यादा दूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में स्पाइसजेट अपने 205 विमानों के ऑर्डर में से कुछ को बड़े विमानों जैसे मैक्स-9 और मैक्स-10 में बदलने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यह समय विमानन क्षेत्र के लिए कठिनाइयों भरा है। विमान ईंधन की कीमत बढ़ रही है और डॉलर की तुलना में रुपया कमजोर पड़ रहा है। ऐसे समय में मैक्स-8 से लागत में हुई बचत कंपनियों के लिए काफी हद तक क्षतिपूर्ति कर सकेगी।