
फिल्मी है इन दो कारोबारी भाईयों की कहानी, बाबा ने 2600 करोड़ के लिए लड़ाया अब मां ने ऐसे मिलाया
नई दिल्ली। एक बाबा और पैसों के चक्कर में शुरु हुई फोर्टिस हेल्थकेयर के सिंह बंधुओं फोर्टिस हेल्थकेयर के सिंह बंधुओं के बीच लड़ाई खत्म हो चुकी है। शिविंदर सिंह ने अपने बड़े भाई के खिलाफ दायर की गई याचिका को वापस लेने का फैसला ले लिया है। शिविंदर सिंह ने याचिका वापस लेने के लिए एनसीएलटी में आवेदन भी कर दिया है। दोनों के बीच ये सुलाह किसी और ने नहीं बल्कि उनकी मां ने कराई है। अब शिविंदर सिंह का कहना है की वो इस मामले को अपने घर में सुलझाना चाहते है।
मां ने कराई सुलह
एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों भाईयों के बीच सुलह कराने के लिए खाना-पिना तक छोड़ दिया था। इतना ही नहीं सिंह बंधुओं की मां निम्मी सिंह हर दिन दोनों भाईयों को सुलह करने के ईमेल भेज रही थी। जिसके बाद शिविंदर सिंह ने ये मामला घर में सुलझाने का फैसला किया।
वापस ली याचिका
शिविंदर ने इससे पहले अपने भाई को करोबार से निकालते हुए आरोप लगाया था कि उनके बड़े भाई तथा गोधवानी की गतिविधियों की वजह से कंपनियों तथा उनके शेयरधारकों का हित प्रभावित हुआ है। लेकिन अब शिविंदर ने कहते हुए याचिका वापस लेने का आवेदन डाला है की उनकी मां चाहती हैं कि इस मामले को घर में ही सुलझाया जाए। हालांकि अभी तक याचिका वापस नहीं ली गई है लेकिन इसे वापस लिया जा रहा है।
बाबा के चक्कर में गंवा चुके है करोड़ों
आपको बता दे की अरबों का बिजनेस करने वाले ये दोनों भाई आज मुश्किलों में फंस गया है और इनकी मुश्किलों में फंसने का कारण एक बाबा हैं। इन दोनो भाईयों की कर्ज में डूबने की कहानी किसी बॉलीवुड फिल्म से कम नहीं हैं। एक बाबा के चक्कर में फंस कर दोनो भाईयों ने 2600 करोड़ रुपए गंवा दिए है। लेकिन आखिरकार मां ने इन्हें अलग होने से बचा लिया
Updated on:
15 Sept 2018 09:54 am
Published on:
14 Sept 2018 05:50 pm
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