
देश की 3 सबसे बड़ी तेल कपंनियां दे रही है बिजनेस करने का बड़ा मौका, पेट्रोल पंप खोल कर सकते हैं करोड़ो में कमार्इ
नर्इ दिल्ली। मोदी सरकार ने देश में होने वाले 2019 के चुनावों से पहले एक एेसा फैसला लिया है, जिससे देश के लोगों को तो फायदा होगा, जो 2019 के चुनावों के लिहाज से भी मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। जी हां, देश की तीन बड़ी पेट्रोलियम कंपनियां 25 हजार पेट्रोल पंप खोलने जा रही हैं। जिससे लोगों को कमार्इ करने का मौका मिलेगा ही, साथ ही लाखों लोगों को नौकरी का भी मौका मिलेगा। आइए आपको भी बताते हैं कि पेट्रोल पंप खोलने की कौन-कौन सी शर्तें होती हैं, कितना खर्च होता है आैर उससे कितनी कमार्इ होती है?
यह रहे नियम
- सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां लगभग चार वर्ष के बाद नए डीलरों की नियुक्ति कर रही हैं।
- नई गाइडलाइंस में समाज के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा।
- पेट्रोलियम कंपनियों को डीलरों की नियुक्ति में छूट मिलेगी।
- आवेनदकर्ता के पास फंड की जरूरत को समाप्त किया गया है।
- जमीन के मालिकाना हक को लेकर नियमों में छूट दी गई है।
- पिछली पॉलिसी में रेगुलर फ्यूल आउटलेट खोलने के लिए आवेदनकर्ता के पास बैंक डिपॉजिट या अन्य फाइनैंशल इंस्ट्रूमेंट्स में 25 लाख रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों में आउटलेट के लिए 12 लाख रुपए होना जरूरी था।
- अब जमीन पर मालिकाना हक न रखने वाले लोग भी जमीन मालिक के साथ टाई-अप कर डीलरशिप के लिए आवेदन कर सकेंगे।
- पेट्रोल पंप डीलर चुनने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदनकर्ताओं में से विजेताओं को ऑनलाइन ड्रॉ के जरिए चुना जाएगा।
कितनी जमीन की होती है जरुरत
- पेट्रोल पंप खोलने के लिए सबसे पहली जरूरत जमीन की होती है।
- स्टेट या नेशनल हाइवे पर कम से कम 1200 से 1600 वर्गमीटर जमीन होना चाहिए।
- वहीं शहरी क्षेत्र में पेट्रोल पंप खोल रहे हैं तो कम से कम 800 वर्गमीटर जगह होना जरूरी है।
- परिवार के किसी सदस्य के नाम पर भी जमीन है, तब भी पेट्रोल पंप की डीलरशिप के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
- एग्रीकल्चर लेंड है तो उसका कन्वर्जन करवाना होता है। प्रॉपर्टी के नक्शे सहित जमीन से जुड़े सभी कागजात, एनओसी कंपनी अधिकारी निरीक्षण के दौरान देखते हैं।
- पेट्रोल पंप की डीलरशिप वही व्यक्ति ले सकता है, जिसकी उम्र 21 से 60 साल के बीच हो। संबंधित व्यक्ति का कम से कम 10वीं पास होना भी जरूरी है।
आैसतन पांच करोड़ रुपए का होता है खर्चा
वैसे पेट्रोल पंप खोलने के लिए जगह के हिसाब से खर्चा आता है। लेकिन जो कुछ जरूरी खर्चों की बात करें तो जैसे पेट्रोल पंप तक कच्ची सड़क का निर्माण, बाउंड्रीवॉल, एनओसी का खर्चा, नापतौल, खाद्य विभाग का लाइसेंस भी लेना होता है। बिजली, पानी के इंतजाम के साथ ही केबिन का निर्माण करवाना होता है। इसमें आैसतन 5 करोड़ रुपए तक का इन्वेस्टमेंट हो सकता है। अगर इसे शहरी आैर ग्रामीण इलाकों के हिसाब से बांटे तो शहरी इलाकों में ये इनवेस्टमेंट 25 करोड़ से अधिक हो सकती है। वहीं ग्रामीण इलाकों में 50 लाख रुपए के आसपास है।
लाखों रुपए में होती है कमार्इ
पेट्रोल पंप खाेलने में अगर खर्च मोटा होता है तो कमार्इ भी एक महीने में लाखों रुपए में होती है। जानकारों की मानें तो 1 लीटर पेट्रोल पर ढाई से तीन रुपए का प्रॉफिट होता है। इस हिसाब से एक दिन में 4 से 5 हजार लीटर पेट्रोल बेचा जाए तो एक दिन की कमाई 15 हजार रुपए तक होगी। इसी तरह 1 लीटर डीजल पर दो से ढाई रुपए का प्रॉफिट होता है। रोजाना 4 से 5 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल बेचने पर हर महीने 10 लाख रुपए तक की कमाई हो सकती है।
लाखों लोगों को मिलेगा रोजगार
जिस तरह से देश में 25 हजार पेट्रोल पंप खुलने जा रहे हैं उससे लोगों को रोजगार मिलने संभावनाएं भी बढ़ गर्इ हैं। आॅल इंडिया पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल के अनुसार एक पेट्रोल में कम से भी कम 10 लोग काम करते हैं। अगर 25 हजार पेट्रोल पंप खुलते हैं तो देश में कम से कम ढार्इ से तीन लाख लोगों को नौकरी मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये आंकड़ा कम से कम का है। अगर अधिकतक की बात करें तो एक पेट्रोल पंप पर काम करने वालों की संख्या 20 अधिक भी होती है। एेसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कितने लोगों को नौकरी मिलेगी।
देश की सबसे बड़ी योजनाआें में से एक
देश की तीन सबसे बड़ी आॅयल कंपनियों द्वारा खोले जाने वाले पेट्रोल पंप की योजना देश की सबसे बड़ी योजनाआें में से एक मानी जा रही है। एेसा पहली बार हो रहा है जब तीनों कंपनियां एक साथ 25 हजार पेट्रोल पंप खोलेंगी। जिससे देश को इतना बड़ा फायदा होगा। आपको बता दें कि देश में मौजूदा समय में 57 हजार पेट्रोल पंप हैं। जिन पर 90 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी इन्हीं तीनों कंपनियों की है।
Published on:
18 Jun 2018 12:34 pm
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