क्या मुकेश अंबानी की Reliance Industries बेच पाएगी आपको LPG सिलेंडर? जानिए क्या है पेंच

क्या मुकेश अंबानी की Reliance Industries बेच पाएगी आपको LPG सिलेंडर? जानिए क्या है पेंच

Ashutosh Kumar Verma | Publish: Jun, 11 2019 12:00:38 PM (IST) इंडस्‍ट्री

  • एलपीजी मार्केटिंग की मौजूदा स्ट्रक्चर सेटअप करने के लिए सरकार ने बनाया पैनल।
  • प्राइवेट कंपनियों द्वारा एलपीजी सिलेंडर बेचे जाने की अनुमति देने पर होगी चर्चा।
  • मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज एलपीजी बेचने के लिए लंबे समय से सरकार से मांग रही अनुमति।

नई दिल्ली। प्राइवेट कंपनियों द्वारा एलपीजी ( Liquefied Petroleum Gas ) सिलेंडर बेचे जाने की अनुमति देने को लेकर सरकार ने एक एक्सपर्ट पैनल का गठन किया है। एलपीजी सिलेंडर ( lpg cylinder ) मार्केट में देश की सरकारी कंपनियों का वर्चस्व है जो ग्राहकों को सरकार की तरफ से दी जाने वाली भारी सब्सिडी का फायदा उठाते हैं। ऐसे में सरकार ने इस कमेटी का गठन यह जानने के लिए किया है कि क्या रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्राइवेट कंपनियों को LPG सिलेंडर बेचने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।

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लंबे समय से अनुमति मांग रही रिलायंस इंडस्ट्रीज

जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी ( Jamnagar Oil Refinery ) चालने वाली मुकेश अंबानी ( Mukesh Ambani ) की रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries ) एक लंबे अरसे से एलपीजी बेचने के लिए सरकार से अनुमति मांग रही है। बता दें कि जामनगर स्थित रिलायंस का यह प्लांट बड़ी मात्रा में एलपीजी का उत्पादन करता है, लेकिन उसे खुदरा में इसे बेचने की अनुमति नहीं है।

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सरकारी कंपनियां देती है सब्सिडी

सरकारी तेल विपणन कंपनियां ( Oil marketing companies ) ग्राहकों को बाजार भाव पर एलपीजी सिलेंडर बेचती हैं और इसके बाद सब्सिडी का पैसा ग्राहकों के खाते में जमा करा दिया जाता है। ऐसे में प्राइवेट कंपनियों की तुलना में यह सरकारी कंपनियां सस्ते में एलपीजी सिलेंडर ग्राहकों को मुहैया कराती हैं।

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पैनल में है ये पांच प्रमुख सदस्य

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ( Ministry of Petroleum and Gas ) ने जिस पांच सदस्यीय पैनल का गठन किया है, उसमें अर्थशास्त्री किरीत पारिख, पूर्व पेट्रोलियम सचिव जीसी चतुर्वेदी, इंडियन ऑयल के पूर्व चेयरमैन एमए पठान , आईआईएम अहमदाबाद के एरॉल डिसूजा और पेट्रोलियम मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात है कि इस पैनल में भी वहीं एक्सपर्ट शामिल हैं, जो पेट्रोल पंप सेटअप करने की नीतियों के लिए बनाए गए पैनल में हैं।

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क्या है पैनल की जिम्मेदारी

मंत्रालय ने इस कमेटी से प्रमुख तौर पर कहा है कि आप इस बात पर चर्चा करें कि एलपीजी मार्केटिंग को लेकर मौजूदा स्ट्रक्चर कि क्या स्थिति है और क्या देश के सीमित कमोडिटी में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहिए। यह पैनल इस बात पर भी चर्चा करेगा कि क्या प्राइवेट कंपनियों को भी एलपीजी मार्केट में उतरना चाहिए या नहीं। वर्तमान मे, रिलायंस अलग-अलग राज्यों में करीब 10 लाख ग्राहकों को ही कुकिंग गैस की सेवा प्रदान करता है। पूरे देश में एलपीजी ग्राहकों की तुलना में यह संख्य काफी कम है।

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