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एयर इंडिया को घाटे से उबारने के लिए ये बड़ा कदम उठा सकती है सरकार

केंद्र की मोदी सरकार सरकार एयर इंडिया को घाटे से उबारने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। विनिवेश का प्रस्ताव प्रयास का एक हिस्सा है।
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एयर इंडिया को घाटे से उबारने के लिए ये बड़ा कदम उठा सकती है सरकार

नई दिल्ली। पचास हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज में डूबी सरकारी विमान सेवा कंपनी एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया विफल रहने के बाद अब सरकार इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने पर विचार कर रही है। एयर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया के जानकार एक सरकारी सूत्र ने बताया कि नए सिरे से विनिवेश प्रक्रिया शुरू करने के लिए विभिन्न मॉडलों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें एक इसे शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का भी है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के जरिए कुछ हिस्सेदारी बेची जा सकती है। इसके बाद शेयरों के दाम बढ़ने पर सरकार और हिस्सेदारी बेचकर घाटे में चल रही कंपनी को मुनाफे में ला सकती है। सूत्र का कहना है कि इससे नियंत्रण भी सरकार के पास रहेगा और एयरलाइंस मुनाफे में भी आ जाएगी।

76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने में विफल रही है सरकार

उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया में रणनीतिक विनिवेश के तहत सरकार ने इसकी 76 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा था। इसके लिए बोली प्रक्रिया के तहत 31 मार्च तक अभिरुचि पत्र मंगाए गए थे, लेकिन एक भी बोली प्रदाता के सामने नहीं आने के बाद विनिवेश प्रक्रिया विफल हो गई। अब आगे क्या कदम उठाना है इसके बारे में फैसला कंपनी के विनिवेश के लिए बने मंत्रियों के समूह को करना है जिसके अध्यक्ष वित्त मंत्री हैं। सूत्र ने बताया कि अभी अन्य विकल्प भी खुले हुए हैं, लेकिन उनके साथ-साथ शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।

100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने पर भी विचार

एयर इंडिया को एक बार बेचने में विफल रही सरकार इसमें से अपनी पूरी हिस्सेदारी भी बेच सकती है। इसके संकेत आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद गर्ग ने दिए हैं। गर्ग ने कहा है कि केंद्र सरकार सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया को बेचने को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचना भी शामिल है।