
रेलवे 100 रुपए कमाने के लिए खर्च करता है 111 रुपए
नई दिल्ली।भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ा रेल नेटवर्क हैं और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क। लेकिन बात जब रेलवे के आर्थिक हालातों की आती है तो वो इस कदर तक खराब है की रेलवे को हर दिन 100 रुपए कमाने के लिए 111.51 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। ये बात रेलवे की वित्तीय शाखा की तरफ से डेटा जारी में कहा गया हैं। इतना ही नहीं रेलवे की आर्थिक दुर्दशा हर दिन खस्ता ही होती जा रही हैं।
रेलवे की हालत बुरी
रेलवे हर दिन जितनी कमाई करता है, उससे ज्यादा तो उसका खर्चा हैं। रेलवे की वित्तीय शाखा की तरफ से डेटा जारी किया गया है। इसके मुताबिक रेलवे किराये और माल ढुलाई पर जितना खर्च कर रही है, उतना कमा नहीं पा रहा हैं। चालू वित्तीय वर्ष में रेलवे की कुल कमाई 56,717.84 करोड़ रुपए रही है जबकि इसका लक्ष्य 61,902.51 करोड़ रुपये रखा गया था।
पांच साल में रेलवे की हालत हुई खस्ता
अप्रैल-जुलाई में रेलवे का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग रेश्यो आया है जो कि 111 फीसदी पर है। ये उम्मीद से कम ट्रैफिक ग्रोथ और ऊंचे खर्चों को दिखाता है जिसमें बढ़ती पेंशन की देनदारी और ऑपरेशनल खर्चे शामिल हैं। रेलवे का ऑपरेटिंग रेश्यो काफी सालों से ऊपर है और लेकिन पिछले 5-6 सालों से ये 90 फीसदी के दायरे में चल रहा था यानी रेलवे को 100 रुपये कमाने के लिए करीब 90 रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। साल 2017-18 में ये 96 फीसदी थी पूरे साल के लिए ऑपरेटिंग रेश्यो का लक्ष्य 92.8 फीसदी पर रखा गया था।
रेलवे कोई लक्ष्य नहीं कर पाया पूरा
रेलवे ने अप्रैल-जुलाई में यात्री किरायों से 17,273.37 करोड़ रुपए कमाये हैं। जबकि रेलवे का लक्ष्य 17,736.09 करोड़ रुपए कमाना था। इतना ही नहीं रेलवे ने सामान से होने वाली ढुलाई से 36,480.41 करोड़ रुपए कमाये हैं जबकि ये लक्ष्य 39,253.41 करोड़ रुपए रखा गया था। रेलवे अपना कोई भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाई हैं। सारे लक्ष्य को पूरा करने में रेलवे पूरी तरह से ना काम रहा हैं।
रेलवे ने कमाई से ज्यादा खर्च किए रुपए
अप्रैल-जुलाई के दौरान रेलवे का कूल खर्चा ये 52,517.71 करोड़ रुपए रहा हैं। जबकि रेलवे 50,487.36 करोड़ रुपए ही कमा पाया हैं। अप्रैल-जुलाई के बीच रेलवे का ऑपरेटिंग रेशियो 111 फीसदी के रिकॉर्ड स्तर पर रहा है। जब भी ऑपरेटिंग रेशियो ज्यादा होता है, तो इसका मतलब यह है कि रेलवे के पास पूंजीगत निवेश के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में नई रेलवे लाइन बिछाना, ज्यादा कोच लगाना और रेलवे को आधुनिक बनाना मुश्किल होगा। आंकड़े के मुताबिक पिछले पांच सालों से रेवले के हालात काफी खराब चल रहे हैं।
Published on:
21 Aug 2018 02:08 pm
