
नकदी संकट से निपटने के लिए जेट एयरवेज ने बनाया धांसू प्लान, एक झटके में होगी 5900 करोड़ की कमाई
नई दिल्ली। नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी जेट एयरवेज ने इससे निपटने के लिए एक धांसू प्लान बनाया है। जेट एयरवेज इसके लिए अपने 16 विमानों की लीजबैक के जरिए 5,900 करोड़ रुपए जुटाने की योजना पर काम कर रही है। लीजबैक प्रक्रिया के तहत कोई कंपनी अपनी संपत्ति को बेच कर उसे लंबे समय के लिए दोबारा प्रयोग करने के लिए किराए पर ले लेती है। इस वित्तीय लेन-देन को कंपनी के बैलेंस शीट में देनदारी के रूप में प्रविष्ट कराया जाता है।
कच्चे तेल की कीमतों के कारण बढ़ रहा वित्तीय संकट
विमानन कंपनी का वित्तीय संकट कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपए में गिरावट के कारण बढ़ता ही जा रहा है, क्योंकि विमानन उद्योग में अधिकतर भुगतान अमरीकी डॉलर के रूप में किए जाते हैं। जेट एयरवेज के पास परिचालन के लिए कुल 124 विमान हैं, जिसमें से 16 विमान उसके खुद के हैं। इन 16 विमानों में 10 बोइंग 777, तीन एयरबस ए330 और तीन बोइंग 737 हैं। बाकी 108 विमान किराए के है।
सितम्बर का चौथाई वेतन 25 को
जेट एयरवेज के पायलटों और इंजीनियरों सहित वरिष्ठ प्रबंधन को सितम्बर माह के वेतन का 25 फीसदी हिस्सा 25 अक्टूबर को किया जाएगा। हालांकि, विमानन कंपनी ने कर्मियों को भेजी गई सूचना में यह स्पष्ट नहीं किया है कि पिछले महीने के वेतन का शेष 75 फीसदी का भुगतान कब तक किया जाएगा। सामान्यत: कर्मचारियों को महीने की पहली तारीख को वेतन का भुगतान कर दिया जाता है लेकिन अगस्त से जेट एयरवेज शीर्ष कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी कर रही है।
Published on:
20 Oct 2018 07:52 pm
