
World Liver Day: पौष्टिक और संतुलित भोजन से हमारा लिवर लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। आजकल बढ़ते फास्ट फूड, अत्यधिक तेल-मसालेदार व जंक फूड के सेवन से लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। नतीजतन, नर्मदापुरम जिले में लिवर संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सामने आ रहे मामलों में 50 प्रतिशत मरीज किशोर और युवा हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि खराब जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण युवाओं में फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। लोगों को लिवर के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ द लिवर द्वारा वर्ष 2010 से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम 'भोजन ही दवा है', जिसका आशय है कि संतुलित और पौष्टिक भोजन अपनाकर लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है।
जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र गंगराड़े बताते हैं कि अधिक उत्पादन के लिए अनाज, सब्जियों में प्रयोग किए जा रहे कीटनाशकों से भी लिवर प्रभावित हो रहा है। कई मामलों में लिवर कैंसर के लक्षण भी सामने आए हैं, जिन्हें इलाज के लिए भोपाल रेफर किया जाता है।
जिला अस्पताल के अनुसार प्रतिदिन औसतन 4 मरीज और प्रतिमाह लगभग 120 से 150 मरीज लिवर संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील जैन बताते हैं कि भोजन भी एक प्रकार की औषधि है, लेकिन वर्तमान में लोग फास्ट फूड, जंक फूड, मैदा, अधिक चीनी और तेल-मसाले युक्त भोजन की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जो लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। जो लोग नियमित संतुलित और पौष्टिक आहार लेते हैं, उन्हें लिवर संबंधी समस्याएं नहीं होतीं। डॉ. जैन ने यह भी बताया कि खानपान की गड़बड़ी से नॉन-एल्कोहोलिक फैटी लिवर की समस्या भी सामने आ रही है। ही मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां भी लिवर को प्रभावित कर रही हैं।
Updated on:
19 Apr 2025 12:08 pm
Published on:
19 Apr 2025 12:07 pm
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