
इटारसी. रेलवे ने पिछले सप्ताह जनरल टिकट के आरक्षण की अनिवार्यता खत्म करने की जो घोषणा की थी, उसे अभी लागू नहीं किया है। इससे जनरल कोच में सफर करने वाले यात्री निराश हैं। काउंटर से जोन के भीतर चलने वाली ट्रेनों के जनरल टिकट दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण घटने और शादियां अधिक होने से ट्रेनों में भीड़भाड़ बढ़ गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल कोच में बर्थ अनुपलब्ध बता रहा है।
कोरोना काल में जनरल कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए आरक्षण अनिवार्य किया गया था, जिसे रेलवे ने अभी भी जारी रखा है। हालांकि रेलवे ने 15 नवंबर से कुछ ट्रेनों में जनरल क्लॉस में आरक्षण कराए बिना टिकट काउंटर से टिकट लेकर यात्रा करने की सुविधा बहाल की थी।
इसे लेकर यात्री खुश हो रहे थे, लेकिन बाद में पता चला कि ये सुविधा केवल लोकल यानी जोन की सीमा में चलने वाली ट्रेनों के लिए है। इससे आरक्षण कंफर्म ना होने की स्थिति में लंबी दूरी वाली ट्रेनों के जनरल में सफर करने वाले यात्रियों को निराशा हुई है। फिलहाल इटारसी से विंध्याचल, प्रयागराज, भुसावल मेमू तथा रानी कमलापति इटंरसिटी के जनरल क्लास में ही आरक्षण खत्म कर दिया गया है। इनके टिकट काउंटर से दिए जा रहे हैं।
एमएसटी वाले, वरिष्ठ नागरिक निराश
रेलवे प्रशासन एकतरफा सासंदों, विधायकों और दिव्यांगों को कोरोना कॉल के बाद छूट दे रही है, वही रोज अपडाउन करने वाले यात्री और सीनियर सिटीजन को छूट नहीं मिली है। इससे ये वर्ग निराश है। वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष राजकुमार दुबे ने कहा कि कोरोना अब खत्म हो गया है। रेलवे पुरानी व्यवस्था को पुन: बहाल करें, ताकि वरिष्ठजनों, मीडिया कर्मी समेत दैनिक अपडाउन वालों को एमएसटी सुविधा मिले। इससे रेलवे की आय में भी इजाफा होगा। साथ ही सभी ट्रेनों के जनरल कोच में भी आरक्षण व्यवस्था समाप्त करें।
Published on:
24 Nov 2021 04:01 pm
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