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astro news : ज्योतिष के मुताबिक, वर्तमान में देवगुरु बृहस्पति ग्रह वृषभ राशि में विराजमान है। दो अप्रेल को मन के कारक चंद्रमा भी वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में वृषभ राशि में गुरु चन्द्र की युति से शक्तिशाली गजकेसरी नामक राजयोग का निर्माण होगा, यह 4 अप्रेल तक बना रहेगा। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो चंद्रमा व गुरु की यह युति अच्छी वर्षा का संकेत है। गजकेसरी राजयोग को कृषि के लिए अतिशुभ माना जाता है। इसके चलते इस वर्ष कृषि उत्पादन व व्यापार अच्छा होने की भविष्यवाणी की जा रही है। गजकेसरी राजयोग का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए यह महत्वपूर्ण परिणाम लेकर आ सकता है।
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों में चंद्रमा और देवताओं के गुरु बृहस्पति का अपना अलग महत्व है। चन्द्रमा सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। यह हर ढाई दिन में राशि परिवर्तन करता है। ऐसे में वह किसी न किसी ग्रह के साथ युति बनाता है, जिससे योग व राजयोग का निर्माण होता है। दूसरी तरफ देव गुरु बृहस्पति 13 महीने में राशि बदलते हैं। ऐसे में अगर गुरु और चन्द्रमा साथ आ जाए तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है। यह कृषि, व्यापार के लिए शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस योग में पूजन-अर्चन का कई गुना फल मिलता है।
ज्योतिषाचार्य शुक्ला ने बताया कि चंद्रमा और बृहस्पति की युति से बने गजकेसरी राजयोग से वृषभ राशि को लाभ मिलेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। समाज में मान प्रतिष्ठा मिलेगी। कारोबार में सफलता मिलेगी। गजकेसरी राजयोग कर्क राशि के लिए बहुत ही अनुकूल साबित हो सकता है। भाग्य का अच्छा साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी और नए नए स्त्रोत बनेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे। इस अवधि में निवेश से लाभ मिल सकते हैं। यह राजयोग सिंह राशि के लिए काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। रुके कामों को गति मिलेगी। बेरोजगारों को नई नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। इंक्रीमेंट और प्रमोशन मिलने की उम्मीद है। मनचाही जगह ट्रांसफर हो सकता है।
Updated on:
02 Apr 2025 02:39 pm
Published on:
02 Apr 2025 02:38 pm
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