
Corona alert : जबलपुर में अभी कोई भी कोरोना पॉजीटिव मरीज नहीं मिला है, लेकिन देशभर में कोरोना के एक्टिव केस 1 हजार से ज्यादा हैं। लेकिन पड़ौसी राज्य महाराष्ट्र समेत दिल्ली और दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही जबलपुर में होती है। इसे देखते हुए सर्दी, जुकाम, खांसी व सांस लेने में समस्या जैसे कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को लेकर नगर के अस्पतालों में भी एहतियात बरती जा रही है। विभाग ने जबलपुर में अभी कोरोना की जांच के लिए कोई एडवायजरी जारी नहीं की है।
जानकारों के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान नगर के अस्पतालों में बेड से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा था। इसके बाद हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को अपडेट करने की दिशा में हुए प्रयासों के कारण नगर के अस्पतालों में 900 से ज्यादा बिस्तर बढ़े हैं। इनमें से 500 बिस्तर मेडिकल अस्पताल के नए भवन व 180 बेड पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल के शामिल हैं। इसके साथ ही निजी अस्पतालों के विस्तार से 250 के लगभग बेड बढ़े हैं।
●10 किलो लीटर लिक्विड ऑक्सीजन शिशु रोग अस्पताल
●10 किलो लीटर ऑक्सीजन सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में
●10 किलो लीटर मेडिसिन पल्मोनरी एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल में
●1500 लीटर का पीएस सेप्रेटर प्लांट स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में
●500 व 550 किलोलीटर के दो प्लांट जिला अस्पताल में
●500 बिस्तर की क्षमता बढ़ी मेडिकल अस्पताल में
●180 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चर पर
●11 ऑपरेशन थियेटर
●3-3 आईसीयू व एचडीयू वार्ड हैं अस्पताल में
●180 बेड पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल में
●200 से ज्यादा बेड निजी अस्पतालों के विस्तार से बढ़े
कोरोना महामारी के दौरान ऑक्सीजन को लेकर मची मारामारी के बीच सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने पहल की गई थी। मेडिकल के पुराने अस्पताल में एक ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के साथ ही अस्पताल के विस्तार के बाद सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल और स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट अस्पताल में 1-1 ऑक्सीजन प्लांट हैं। मेडिकल अस्पताल के शिशु रोग अस्पताल से लेकर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, पल्मोनरी मेडिसिन एक्सीलेंस स्कूल अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर पर निर्भरता कम हुई है। कैंसर इंस्टीट्यूट में भी पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है। नगर के 5 निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगा है।
Corona alert : जिले में कोरोना का अभी कोई भी केस नहीं आया है। अभी किसी प्रकार की गाइड लाइन भी जारी नहीं हुई है। एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है।
Updated on:
29 May 2025, 3:11 PM IST
Published on:
29 May 2025, 2:57 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.