
DJ banned in 2018 new year eve
जबलपुर . नए साल के जश्न में लोग डीजे पर नहीं थिरक सकेंगे। किसी आयोजन में डीजे मिलने पर उसे जब्त करने के साथ आयोजक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम में गुरुवार को आयोजित बैठक में एएसपी जीपी पाराशर व एएसपी राजेश तिवारी ने ये निर्देश दिए। वे नववर्ष की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजकों की बैठक ले रहे थे।
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रात १२.३० बजे जश्न बंद करना होगा। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी। बैठक में ३० होटल व क्लबों के पदाधिकारी, आयोजक मौजूद रहे।
ये निर्देश भी दिए
ठ्ठ आयोजन में दो साउंड बॉक्स लगाए जाएं, इसकी अनुमति एसडीएम से लेनी होगी ठ्ठ साउंड बॉक्स की आवाज परिसर तक ही सीमित रहे ठ्ठ होटलों व क्लबों में बिना लाइसेंस शराब न परोसी जाए।
ठ्ठ रात १२ बजे तक होटलों के बार बंद कर दिए जाएं। ठ्ठ आयोजकों को करनी होगी पार्किंग की व्यवस्था। ठ्ठ आमंत्रित लोगों को ही कार्यक्रम में प्रवेश दिया जाए। ठ्ठ कार्यक्रमों में सुरक्षा गार्ड व वालेंटियर्स तैनात किए जाएं ठ्ठ कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराएं, आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
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तीन तलाक कानून से मिलेगा न्याय, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक मुद्दीन बोले
जबलपुर. तीन तलाक से हजारों मुस्लिम महिलाओं का जीवन नारकीय हो गया है। उनके बच्चे यतीमों की तरह जिंदगी जी रहे हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का स्पष्ट मत है किसी भी सूरत में तलाक न हो। अगर मजबूरी में तलाक की नौबत आ भी जाती है तो मनचाहे तरीके से नहीं बल्कि नियमानुसार तलाक दिया जाए। केन्द्र सरकार जो बिल ला रही है उससे मनचाहा तीन तलाक देने वालों को सजा का प्रावधान है। यह बात मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त एस के मुद्दीन ने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा में कही।
उन्होंने कहा कि सजा की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 7 साल की जाए। २०० कोड़े बरसाने का प्रावधान किया जाए। उनके हित व कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे मुस्लिम महिलाओं को कानूनी संरक्षण मिलेगा। उन्हें नारकीय जीवन से मुक्ति मिलेगी। मुस्लिम महिलाओं के लिए कानून बनाए जाने के लिए मंच की ओर से प्रधानमंत्री, कानून मंत्री के प्रति आभार जताया गया। प्रेस वार्ता में एमए कुरैशी, शाहरूख मुद्दीन, हारून जावेद सौदागर, सैय्यद शौकत अली शामिल रहे।
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डेयरी संचालकों का गैरजिम्मेदाराना रवैया, गौर नदी की बदहाली पर जिम्मेदार भी खामोश, मृत मवेशी फेंककर मानवीयता को कर रहे शर्मसार
जबलपुर. गौर नदी बदहाल होती जा रही है। तट पर बनी डेयरियों के गोबर से पहले ही नदी पाटी जा चुकी है। अब रोजाना मृत जीवों को नदी में फें का जा रहा है। दिनोंदिन स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह हैं। लगातार दूसरे दिन 'पत्रिकाÓ ने पड़ताल की तो नजारा चौकाने वाला रहा। कई मृत मवेशियों को नदी के प्रवाह क्षेत्र में पड़े नजर आए, स्थानीय लोग इससे नाराज दिखे। नदी की दुर्दशा और डेयरी संचालकों के कृत्य पर प्रशासन, स्थानीय निकाय या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई भी आगे नहीं आया। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि इस मामले में तत्काल एक्शन लिया जाना चाहिए। कलेक्टर महेशचंद्र चौधरी ने कहा कि डेयरी संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी करेंगे कि मृत जीवों को नदी में न डालें। अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जबकि, पर्यावरणविद् एबी मिश्रा ने कहा कि डेयरी संचालक पहले ही गौर नदी को बदहाल कर चुके हैं। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
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Published on:
29 Dec 2017 04:53 pm
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