
EWS multi-storey buildings
जबलपुर। शताब्दीपुरम में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए बनाई गई बहुमंजिला इमारतों के रखरखाव की जवाबदारी नगर निगम और जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) एक-दूसरे पर थोप रहे हैं। इससे दस बहुमंजिला इमारतें जर्जर हो रही है। इन इमारतों में रहने वाले लोग भयभीत हैं। जानकार कहते हैं कि बारिश में पानी टपकने और प्लास्टर गिरना आम हो गया है। हालत यह हो गई है कि ऊपरी मंजिल पर पैर पटकते ही बिल्डिंग में कंपन होने लगता है।
शताब्दीपुरम की बहुमंजिला इमारतें जर्जर, नगर निगम और जेडीए एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी
जेडीए के द्वारा शताब्दीपुरम में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए चार मंजिल की दस इमारतें बनाई गई थीं। इन इमारतों में अधिकांश फ्लैट बेचे जा चुके हैं। शेष बचे फ्लैटस की हालत ठीक नहीं है। भवन के ऊपरी मंजिल पर झाड़ियां उग गई हैं तो जगह-जगह से प्लास्टर गिर रहे हैं। रखरखाव के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है। मजबूरी में यहां लोग रह रहे हैं।
कहते हैं लोग
हम तो फ्लैट लेकर फंस गए हैं। मेंटेनेंस नहीं किया जाता है। सफाई व्यवस्था भी चौपट है।
विनोद कुमार
बारिश के अलावा अन्य दिनों में सीपेज खत्म नहीं हो रही है। प्लास्टर गिरते हैं।
मनोज काछी
नालियां चोक हो गई हैं। इमारत जर्जर है, जिसमें उपरी मंजिल पर धमक होते कंपन हो रहा है।
अटल बड्डा
शताब्दीपुरम के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी नगर निगम को सौंप दी गई है। नगर निगम ही इसका रखरखाव करेगा।
शरद श्रीवास्तव, केयरटेकर, शताब्दीपुरम (जेडीए)
इमारतों के आसपास सफाई आदि नगर निगम करवा रहा है लेकिन भवन संबंधी रखरखाव तो जेडीए करेगा।
भूपेन्द्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम
उग रहीं झाड़ियां...
इमारत के ऊपरी मंजिल की दीवारों में शीपेज की वजह से झाड़ियां उग रही हैं। जानकार कहते हैं कि झाड़ियों की वजह से प्लास्टर कमजोर हो रहा है। कुछ बिल्डिंग की हालत यह है कि ऊपरी मंजिल के फ्लैट़स में पानी टपकने लगा है।
कंजरवेंसी की सफाई बंद
इमारतों के बीच बनाई गई कंजरवेंसी की सफाई व्यवस्था चौपट हो गई है, जिससे यहां नालियां चोक हो रही हैं। इमारतों से निकलने वाला पानी नालियों में भी सूख जाता है या फिर भरा रहता है। इन नालियों की निकासी व्यवस्थित नहीं है, जिससे कुछ जगहों पर कंजरवेंसी में कीचड़ हो गई है।
Published on:
13 Jun 2023 11:18 am
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