
Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र,Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र,Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र
जबलपुर. हिन्दू वर्ष का पहला चैत्र बुधवार को धुरेड़ी के साथ आरम्भ हो गया है। चैत्र की पूर्णिमा चित्रा नक्षत्र में होती है इसी कारण इस महीने का नाम चैत्र पड़ा। इस माह में हिन्दुओं के कई पर्व हैं। आराधना की दृष्टि से यह माह श्रेष्ठ माना गया है। चैत्र में मुख्य रूप से धुरेड़ी, रंगपंचमी, पापमोचिनी एकादशी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्र, रामनवमीं, हनुमान जयंती व चैत्र पूर्णिमा पर्व होंगे।
आराधना की दृष्टि से महत्वपूर्ण चैत्र प्रारम्भ, हनुमान जयंती के साथ होगा समापन
पापमोचिनी एकादशी
चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी बहुत शुभ मानी जाती है। इसे पापमोचिनी एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस एकादशी का उपवास करने से सभी प्रकार के पापों का शमन होता है। यह व्रत 18 मार्च को है।
चैत्र अमावस्या
यह नव संवत्सर की पहली अमावस्या होती है। इसलिए इसे पितृ कर्म के लिए बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। अपने पितरों की शांति के लिए इस दिन तर्पण करना चाहिए। इस वर्ष 22 मार्च को चैत्र अमावस्या होगी।
गुड़ी पड़वा
चैत्र मास बहुत शुभ मास माना जाता है। क्योंकि इसी से हिन्दू नव वर्ष या संवत्सर की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस दिन की शुरुआत सूर्य देवता को अर्घ्य देकर सूर्यपूजा से करनी चाहिए। साथ ही धार्मिक स्थलों पर स्नान दान करना चाहिए। इस बार गुड़ी पड़वा 22 मार्च को मनाई जाएगी।
चैत्र नवरात्र
चैत्र मास का विशेष आकर्षण होते हैं मां की उपासना के नौ दिन। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से लेकर नवमीं तक माता के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। 22 अप्रेल को इस शुभ पर्व की शुरूआत होगी व 31 अप्रेल को समापन होगा।
राम नवमीं
चैत्र शुक्ल नवमीं को प्रभु श्री राम की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि रामलला का जन्म इसी दिन हुआ था। इसलिए यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इस बार राम नवमी 30 मार्च को पड़ रही है।
कामदा एकादशी
चैत्र शुक्ल एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री हरि यानि विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। 2 अप्रैल को कामदा एकादशी मनाई जाएगी।
हनुमान जयंती
इस दिन बाल मारूती का जन्म देवी अंजना व केसरी के घर हुआ था। यह दिन चैत्र माह के पूर्णिमा के दिन पड़ता है। इस बार यह 6 अप्रेल को पड़ रहा है। हनुमान जयंती पर शहर में विविध धार्मिक आयोजन होते हैं।
चैत्र पूर्णिमा
संवत्सर की पहली पूर्णमासी होती है। इसलिए यह पूर्णिमा उपवास दान-पुण्य आदि धार्मिक कार्यों के लिए बहुत शुभ होती है। चैत्र पूर्णिमा इस बार 6 अप्रेल को पड़ रही है।
चैत्र माह के सभी पर्व- महत्वपूर्ण तिथियां
चैत्र माह में आठ मार्च को होली, धुरेड़ी मनाई जाएगी। नौ को भाई दूज, भ्रातृ द्वितीया है। वहीं 11 को भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी, 12 को रंग पंचमी, 14 को शीतला सप्तमी, 15 को शीतला अष्टमी, मीन संक्रांति, 18 को पापमोचिनी एकादशी, 19 को प्रदोष व्रत, 21 को चैत्र अमावस्या, दर्श अमावस्या, 22 को युगादी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्र, 24 को मत्स्य जयंती, गौरी पूजा, गणगौर, 25 को लक्ष्मी पंचमी, 27 को यमुना छठ, 30 को रामनवमीं, स्वामीनारायण जयंती है। इसी प्रकार 03 अप्रेल को प्रदोष व्रत, 05 को अन्वाधान, और 06 अप्रेल को हनुमान जयंती, चैत्र पूर्णिमा रहेगी।
चैत्र माह का महत्व
पंडित जनार्दन शुक्ला ने बताया शास्त्रों के अनुसार सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से ही सृष्टि की रचना आरंभ की थी। वहीं सतयुग की शुरुआत भी चैत्र से मानी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी महीने की प्रतिपदा को भगवान विष्णु के दशावतार से पहले अवतार मतस्यावतार अवतरित हुए एवं जल प्रलय के बीच घिरे मनु को सुरक्षित स्थल पर पंहुचाया था। जिनसे प्रलय के पश्चात नई सृष्टि का आरंभ हुआ।
Updated on:
09 Mar 2023 11:20 am
Published on:
09 Mar 2023 11:12 am
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