
shadi ke upaya in hindi
जबलपुर। हर माता- पिता की चिंता होती है कि बेटी के हाथ समय पर और जल्द पीले हो जाएं। बेटी को अच्छा और योग्य जीवन साथी मिले। हर माता-पिता बेटी की यह भी चाहत होती है कि ऐसी बहू उनके घर में आए, जो सभी का दिल जीत ले। बेटी बनकर हर किसी का सहयोग करे। हमारे वैदिक शास्त्रों में मनचाहा वर और मन पसंद बहू पाने के लिए कई अचूक उपाय बताए गए हैं। ज्योतिषाचार्य पं. जनार्दन शुक्ला के अनुसार खासकर कन्या की शादी में आ रही बाधाओं के निवारण के लिए राशिवार कई उपाय बताए हैं। कुछ ऐसे सिद्ध मंत्र भी हैं, जिनका जाप करने से न केवल लाड़ली के हाथ समय पर पीले हो जाएंगे, बल्कि मनचाहा और योग्य वर भी प्राप्त होगा। आइए कन्या की राशि के हिसाब से आपको भी इन मंत्रों से अवगत कराते हैं।
मंगल और गुरु का करें पूजन
ज्योतिषाचार्य पं. शुक्ला के अनुसार कन्या की कुंडली में मंगल और गुरु विवाह के कारक होते हैं। यदि विवाह में बाधा आ रही है तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर मंगल देव और गुरु देव की प्रसन्नता के उपाय करना चाहिए। बिटिया की शादी में देरी पर सबसे कारगर उपाय है भोलेनाथ को प्रसन्न करना। ओम नम: शिवाय मंत्र जितना सरल है उतना ही चमत्कारिक प्रभाव भी रखता है। पूरी श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जाप शिवशंकर को याद करते हुए करें, जरूर लाभ होगा।
मेष : सप्तम भाव के स्वामी शुक्र की नेष्ट स्थिति होने पर शुक्रवार को दुर्गा जी की मूर्ति या चित्र पर लाल पुष्प अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर निम्न मंत्र का 108 बार जप करें।
हे गौरि! शंकरार्धांगि। यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्।।
वृष : सप्तमेश मंगल के व्रत, दान करें और निम्न मंत्र का जप करें।
‘कात्यायिनी महामाये महायोगिनीधीश्वरी। नन्द-गोपसुतं देवि! पतिं मे कुरु ते नम: ।।’
मिथुन : सप्तमेश गुरु की प्रिय वस्तुओं का दान करें। तुलसी की माला से निम्न मंत्र का जाप करें।
‘ ओउम देवेंद्राणि! नमस्तुभ्यं देवेन्द्रप्रियभामिनि। विवाहं भाग्यमारोग्यं शीघ्रलाभं च देहि मे।।’
कर्क : सप्तमेश शनि की शांति के लिए शनिवार का व्रत करें और निम्न मंत्र का जाप करें।
‘ओउम ऐं सीं श्रीं शनैश्चराय नम:’
सिंह : आपका सप्तमेश शनि है अत: शनिवार का व्रत करें, शनि की प्रिय वस्तुओं का दान करें।
‘ओउम प्रां प्रीं प्रौं स: शनये नम:’
कन्या : इस राशि के लिए मां भगवती की आराधना, उपासना और निम्न मंत्र का जाप फलदायक है।
‘ओउम सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरि नारायणि नमोस्तु ते।।’
कुल देवता तथा पितृश्वरों की पूजा करें। सप्तमेश गुरु के दान, मंत्र तथा व्रत गुरुवार को करें।
तुला : सप्तमेश मंगल के व्रत, दान तथा जप करें। तुलसी की माला से नियमित 108 बार निम्न मंत्र का जाप करें।
‘ओउम ह्नीं गौर्यै नम: ।।’
वृश्चिक : आपके लिए विजया सुंदरी का मंत्र बेहद शुभदायक है। 108 बार निम्न मंत्र का जप करें।
‘ ओउम विजया सुंदरी क्लीं।।’ और सप्तमेश शुक्र मंत्र ‘ ओउम सीं श्रीं शुक्राय नम: ।।’
धनु : सप्तमेश बुध का व्रत करें, बुध की प्रिय वस्तुओं का दान करें। निम्न मंत्र का यथा शक्ति जाप करें।
‘हे माते! त्वं शक्तिस्त्वं स्वाहा त्वं सावित्री सरस्वती। पतिं देहि गृहं देहि सुतान् देहि नमो स्तुते।।
मकर : सप्तमेश चंद्रमा की शांति के लिए सोमवार का व्रत करें। निम्न मंत्र का जप करें।
‘ओउम शं शंकराय सकल जन्मार्जित पापविध्वंसनाय। पुरुषार्थचतुष्टयलाभाय च पतिं देहि कुरु कुरु स्वाहा।।’
कुंभ : किसी योग्य ज्योतिषी से शुभ मुहूर्त निकलवाकर निम्न मंत्र का जाप करें।
‘ओउम श्रीं क्लीं मम वांछित देहि देहि स्वाहा।।’
मीन : सप्तमेश बुध के व्रत व दान करें। निम्न मंत्र का 11 माला जाप करें
‘फलै मन्मथाय महाविष्णु स्वरुपाय, महाविष्णु पुत्राय, महापुरुषाय। पति सुखं मोहे शीघ्रं हि।।’
Published on:
20 Mar 2018 08:22 pm
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