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मेडिकल डीन पदभार ग्रहण करते ही बोले ये सब नहीं चलेगा-देखें वीडियो

मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉ. सक्सेना बने डीन, स्टाफ ने मिठाई खिलाकर किया स्वागत
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Lalit Kumar Kosta

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Updated: 4 Aug 2017, 1:00 PM IST

medical  education

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जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सेवानिवृत्ति के उपरांत संविदा आधार पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन पद पर डॉ. रूपलेखा चौहान की नियुक्ति अवैध करार दिए जाने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नए डीन की नियुक्ति कर दी है। गुरुवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग की अवर सचिव शर्मिला ठाकुर ने जारी आदेश में नेत्र रोग विभाग प्रमुख डॉ. नवनीत सक्सेना को मौजूदा प्रभार के साथ डीन का दायित्व भी संभालने के निर्देश दिए हैं। आदेश आने के बाद शाम को डॉ. सक्सेना ने पदभार संभाल लिया। उल्लेखनीय है कि जबसे डॉ. रूपलेखा चौहान को डीन के पद पर नियुक्त किया गया था, तभी से अस्पताल में उठा पटक की राजनीति शुरू हो गई थी। लोगों ने आपत्तियों के साथ उनका विरोध भी किया था। वहीं स्थाई डीन को लेकर डॉक्टरों का एक खेमा भोपाल तक बात करता रहा है। इसी के चलते यह केस हाईकोर्ट पहुंच गया।

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चिकित्सा शिक्षा व इलाज प्राथमिकता : पदभार संभालने के बाद डॉ. सक्सेना ने कहा, चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए संगठित प्रयास किए जाएंगे। अस्पताल के नाम पर की जाने वाली सभी असमाजिक गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाने के लिए हर संभव प्रयास होगा। मरीज को ज्यादा से ज्यादा संतुष्ट करने का प्रयास होगा।

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दिन भर हलचल : हाईकोर्ट की डबल बैंच का आदेश आने के बाद बुधवार शाम से ही नए डीन को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। डॉ. चौहान की संविदा नियुक्ति के बाद से ही मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन विरोध कर रहा था। हाईकोर्ट की सिंगल बैंच द्वारा नियुक्ति खारिज करने के बाद भी डॉ. चौहान कार्य करती रहीं। राज्य शासन की ओर से डबल बैंच में अपील की गई थी। डबल बैंच ने डॉ. रूपलेखा चौहान की डीन व एचओडी पद पर नियुक्ति अमान्य करार दी थी।