3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुदरत का करिश्मा : इस कुंड में नहाने से ठीक हो जाता है चर्म रोग, कड़ाके की ठंड में भी गर्म रहता है इसका पानी

जबलपुर जिला मुख्यालय से 65 कि.मी दूर बसे बबैहा गांव के नजदीक स्थित ये कुंड एक ऐसा स्थान जिसे 'गरम कुंड' नाम से जाना जाता है।

2 min read
Google source verification
news

कुदरत का करिश्मा : इस कुंड में नहाने से ठीक हो जाता है चर्म रोग, कड़ाके की ठंड में भी गर्म रहता है इसका पानी

इन दिनों पूरा मध्य प्रदेश ठंड की आगौश में समा चुका है। आलम ये है कि सूबे के 22 जिलों में तापमान 10 डिग्री से भी कम जा पहुंचा है। ऐसे में ठंड से बचने के लिए लोग अनेकों उपाय करते हैं। कोई अलाव जलाकर तो कोई गर्म कपड़े पहनकर ठंड से राहत पाने के जतन करता है। मौजूदा समय में हालात ये हैं कि खुले इलाकों में तो लोग नहाने तक से बच रहे हैं। लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश में स्थित चारों ओर से तालाब से घिरे एक ऐसे चमत्कारी कुंड के बारे में बता रहे हैं, जिसमें मौजूद पानी गर्मी के दिनों में तो छोड़िए कड़कड़ाती ठंड के दिनों में भी गर्म रहता है। इस कुंड का एक चमत्कार ये भी माना जाता है कि इसमें नहाने से चर्मरोग की समस्या तक ठीक हो जाती है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर जबलपुर मंडला रोड पर स्थित कुंड को यहां के लोग बड़ा चमत्कारी कुंड मानते हैं। खास बात ये है कि पूरे साल किसी भी सीजन में इस कुंड का पानी गर्म बना रहता है। मान्यता ये भी है कि इस कुंड में नहाने से चर्मरोग भी ठीक हो जाता है। खासतौर पर सर्दी के दिनों में इस कुंड में नहाने के लिए दूर दूर से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं कुछ मान्यताओं के अनुसार, इस कुंड पर शिव जी का वरदान कहा जाता है तो कुछ लोग इसे भगवान परशुराम की तपोस्थली कहते हैं।

यह भी पढ़ें- ये क्या! 90 किलोमीटर बढ़ गया खंडवा से इंदौर का रास्ता, जानकर आप भी रह जाएंगे दंग


कुंड में नहाने से ठीक होता है चर्म रोग

जबलपुर जिले में स्थित बबैहा गांव से 2 किलोमीटर दूरी पर स्थित ये गर्म कुंड एक ऐसा स्थान जिसे 'गरम कुंड' के नाम से जाना जाता है। इस कुंड की विशेषताओं पर लोगों को वर्षों से यकीन बना हुआ है। लोगों का मानना है कि इस कुंड के पानी नहाने पर चर्म रोग जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित ये गर्म कुंड पहाड़ों और प्राकृतिक हरियाली के साथ-साथ नर्मदा नदी के बेक वाटर के बीच स्थित है। ये भी हैरानी की बात है कि ये कुंड नर्मदा नदी के वाटर लेवल से ऊपर बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- चोर शहर की सड़कों पर दौड़ा रहा चोरी की गाड़ी और लड़की के पास पहुंच रहा बार-बार चालान


भगवान शिव से जुड़ी है कुंड की कहानी

कुंड के पास स्थित मां नर्मदा मंदिर में बैठे बैरागी रमेश दास नाम के स्थानीय बुजर्ग का कहना है कि भगवान भोलेनाथ के वरदान से इस कुंड की उत्पत्ति हुई है। जब भगवान परशुराम अपनी शारीरिक वेदना से परेशान थे, तब भगवान शिव ने उन्हें इस कुंड के बारे में बताया था, जहां पर स्नान करने से भगवान परशुराम की शारीरिक वेदना दूर हो गई थी, तभी से अबतक लोगों की इस जगह को लेकर ऐसी मान्यता है कि यहां पर स्नान करने से शारीरिक और मानसिक रोग दूर होते हैं। इसी धारणा के चलते यहां दूर-दूर से लोग चर्म रोग से निजात पाने स्नान करने आते हैं।