
jabalpur high court decision: जबलपुर हाईकोर्ट ने आरक्षण को लेकर अहम आदेश दिया है। कोर्ट के मुताबिक विकलांगों के लिए आरक्षित पद लगातार कैरी फारवर्ड होने के बाद भी खाली रहते हैं, तो उस पर सामान्य वर्ग की भर्ती की जा सकेगी। हाईकोर्ट ने माना कि विकलांग व्यक्तियों के लिए क्रमिक भर्ती वर्ष में आगे बढ़ाए गए आरक्षित पद पर कोई उपयुक्त विकलांग उपलब्ध नहीं है, तो सामान्य से भरे जाएंगे।
जबलपुर के हाईकोर्ट (jabalpur high court) के न्याय मूर्ति संजय दिव्वेदी (sanjay dwivedi) ने पाया कि यदि किसी भी प्रकार की विकलांगता वाला कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं है तो इसे अनारक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों को दिया जाना चाहिए। कोर्ट के मुताबिक चूंकि प्रावधान में करेगा शब्द का उपयोग करने से स्पष्ट है कि रिक्ती को विकलांग के अलावा किसी अन्य को नियुक्त करके भरना अनिवार्य है और इस प्रकार प्रतिवादी-नियोक्ता रिक्ती को भरने के लिए बाध्य है।
धारा 36 में कहा है कि जो रिक्तियां नहीं भरी हैं, उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। यदि विकलांगता की तीन श्रेणियों के आदान-प्रदान के बादभी, लगातार भर्ती साल में कोई पात्र नहीं है, तो ऐसे पद सामान्य श्रेणी के व्यक्तियों से भरे जाएंगे।
Updated on:
18 Jul 2024 12:56 pm
Published on:
16 Jul 2024 04:09 pm
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