18 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में सरकारी बाबू ने 44000 से बढ़ाकर 4 लाख 44 हजार कर ली खुद की सैलरी..

mp news: बाबू ने सरकारी खजाने से अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम से 6 करोड़ 74 लाख रुपए निकाल लिए...।
2 min read
Google source verification
jabalpur

mp news: मध्यप्रदेश में सरकारी बाबूओं के कारनामे किसी से छिपे नहीं हैं। इसी बीच जबलपुर से भी एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है यहां एक सरकारी बाबू ने फर्जीवाड़े में सभी को पीछे छोड़ दिया। इस बाबू ने अपनी सैलरी 44 हजार रूपये से बढ़ाकर 4 लाख 44 हजार रूपये कर ली। इतना ही नहीं अपने और अपने रिश्तेदारों के नाम से सरकारी खजाने से 6 करोड़ 74 लाख रुपये निकाल लिए। मामला उजागर होने के बाद बाबू फरार हो गया है।

44000 से बढ़ाकर 4 लाख 44 हजार कर ली सैलरी

हर जिले में एक संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय स्थानीय निधि संपरीक्षा ऑफिस होता है जो स्थानीय स्तर पर सरकारी विभाग के खर्च का ऑडिट करता है। जबलपुर के इसी विभाग में पदस्थ बाबू संदीप शर्मा ने ऐसा कारनामा किया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। बाबू संदीप शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने सरकार के खजाने से 6 करोड़ 74 हजार रूपए निकाल लिए। उसने अपने वेतन 44 हजार रूपये में आगे एक डिजिट जोड़कर अपनी सैलरी 4 लाख 44 हजार रूपये कर ली और कई महीनों तक इतनी सैलरी लेता रहा। विभाग के वेतन का पत्रक बनाने की जिम्मेदारी बाबू संदीप के पास थी और उसने इसी का फायदा उठाया।


यह भी पढ़ें- पति के सामने पत्नी से की शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड, फिर हुआ ये…

6 करोड़ 74 लाख रूपये की धांधली


बाबू संदीप शर्मा ने अपनी सैलरी लाखों रूपये बढ़ाने के साथ ही कुछ कर्मचारियों को फर्जी तरीके से रिटायर कर दिया और उनकी ग्रेच्युटी का पैसा भी निकाल लिया। इसके साथ ही वो अपने व अपने रिश्तेदारों के नाम पर पैसे लेता रहा । जब शुरूआत में इस बात का पता लगा तो जांच हुई और जांच में सामने आया कि वह अपने अकाउंट में शासन के लगभग 7 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर चुका है। फिलहाल संदीप फरार है। जिला प्रशासन ने 25 लोगों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


यह भी पढ़ें- एमपी में हाईकोर्ट ने कलेक्टर पर लगाया जुर्माना..

गायब होने से पहले छोड़ा लेटर


बताया जा रहा है कि संदीप शर्मा लग्जरी लाइफ जीने का शौकीन था। गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद संदीप शर्मा फरार हो गया है। गायब होने से पहले उसने एक पत्र भी लिखा था जिसमें घोटाले की पूरी जिम्मेदारी खुद ही ली है और आत्महत्या की बात भी लिखी है। संदीप को निलंबित कर दिया गया है और इस मामले में 25 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

यह भी पढ़ें- एमपी के इन 8 जिलों से सीधा माल खरीदेगी अमेरिका की बड़ी कंपनी