
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: सिर्फ दो लाख रुपए के लोन के झांसे में आकर एक श्रमिक संकट में घिर गया। शातिर ठगों ने कमजोर सिबिल स्कोर का बहाना कर उसके तीन बैंक शाखाओं में खाते खुलवाए और एटीएम व पासबुक अपने पास रखकर गुजरात और ओडिशा तक साइबर ठगी कर रकम श्रमिक के खाते में मंगवाया। श्रमिक को 1.17 करोड़ रुपए के बेनामी लेन-देन के चलते खाता सीज करने का नोटिस मिला तो उसके होश उड़ गए।
गोरखपुर थाना में इसकी जानकारी दी तो-तीन शातिर ठगों पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार दानव बाबा बस्ती में संग्राम सिंह मरावी परिवार के साथ रहता है। वह घरों में पुट्टी कर गुजारा कर रहा था। उसे छुई खदान निवासी गौरव पनगिरा मिला। जिसने लोन दिलाने में मदद करने का झांसा देकर भरोसे में लिया। संग्राम ने दो लाख रुपए लोन दिलाने के लिए कहा।
इस पर गौरव ने उसे अनिल खत्री पनागर ओर अमित प्रजापति लालमाटी से मिलवाया। तीनों ने सुनियोजित तरीके से पहले उसकी बैंक अकाउंट की जानकारी ली फिर बताया कि उसका सिबिल कमजोर है, इसलिए इस खाते में लोन नहीं मिलेगा। तीनों ने नया खाता खुलवाने के लिए दस्तावेज लिया और तीन बैंकों में खाता खुलवाया।
लोन तो मिला नहीं, नोटिस आ गया- संग्राम को लोन तो मिला नहीं पर बैंक से नोटिस उसके पास आ गया। एक ही बैंक अकाउंट से 1.17 करोड़ रुपए के लेन-देन के बारे में जानकारी देते हुए खाता सीज किए जाने और कार्रवाई किए जाने की बात नोटिस में लिखी गई थी। जानकारी नहीं मिली तो गोरखपुर थाना जाकर कहानी सुना दी।
दो राज्यों में जांच संग्राम के बैंक खाते में गुजरात और ओडिशा के लोगों से साइबर ठगी कर रुपए जमा कराए गए थे। वहां की साइबर सेल ने प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण दर्ज कर इन दोनों राज्यों की पुलिस से संपर्क किया गया है। वहीं आरोपी गौरव, अमित और अनिल की तलाश की जा रही है। जिनके खिलाफ धोखाधड़ी, आइटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
Updated on:
18 Mar 2025 01:32 pm
Published on:
18 Mar 2025 12:46 pm
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