
healthy food for kids
जबलपुर। शासन की योजनानुसार विद्यालय में बच्चों को मीनू के आधार पर प्रतिदिन अच्छा भोजन देने के निर्देश हैं, लेकिन मझौली तहसील के खलरी सकुल की प्राथमिक-माध्यमिक शाला में बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन दिया जाता है, जो न तो स्वादिष्ट होता है न ही स्वच्छ, बल्कि बच्चों को कीड़े वाला तक भोजन परोसा जा रहा है। स्कूल के कुछ बच्चों ने मध्याह्न भोजन खाना ही बंद कर दिया, जबकि मध्याह्न भोजन को संचालित करने वाले समूह के वर्तमान सचिव के परिजनों का ही एकाधिकार है, जिसकी शिकायत गांव के लोगों ने लिखित रूप में की, लेकिन जांचकर्ता अधिकारियों और एडीओ की मिलीभगत से कार्रवाई नहीं हुई।
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जनपद शिक्षा केन्द्र के संकुल केंद्र खलरी के प्राथमिक-माध्यमिक शाला हरदुआ कला में राजीव गांधी स्वसहायता समूह भोजन बनाने का काम करता है। शनिवार को दाल में कीड़े मिलने पर बच्चों ने खाना खाने से इनकार कर दिया। शाला प्रभारी सहित सरपंच और ग्राम के लोगों ने एडीओ रामरतन शुक्ला को कई मध्याह्न भोजन खराब परोसे जाने की शिकायत की, लेकिन जनपद के एडीओ शुक्ला ने शिकायत को निराधार बता कर समूह को यथावत रखने अनुशंसा कर भेज देते दी।
बच्चे धुलते हैं जूठी थाली
शाला में पढऩे वाले बच्चों ने खुद बताया कि खाने के बाद वे खुद ही थाली को धुलते हैं, लेकिन भोजन में कीड़े मिलने और साफ -सफई न होने की वजह ज्यादातर बच्चे स्कूल का खाना नहीं खाते हैं। बच्चों ने खुद ही भोजन की थाली में कीड़े दिखाकर इस बात को प्रमाणित किया कि उन्हें किस स्तर से घटिया भोजन परोसा जाता है। जिसकी वजह से कुछ बच्चे तो मजबूरी में स्कूल का बना भोजन खाते हैं।
शासन के नियम अनुमसार बच्चों को मिड-डे मील गुणवत्ता और साफ-सफाई के साथ दिया जाना चाहिए। परोसे जाने वाले भोजन कीड़े मिले हैं तो इसकी जांच कराएंगे। जांच में समूह की गलती पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- उमा माहेश्वरी, एसडीएम, सिहोरा
Published on:
25 Feb 2018 01:33 pm
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