
rahul gandhi plan for mp election
जबलपुर। गुजरात चुनाव से राहुल गांधी ने लगता है सबक सीख लिया है। वे यहां ऐनवक्त पर उम्मीदवारों की घोषणा करने की गलती अब नहीं दोहराएंगे। मध्यप्रदेश में आगामी चुनावों के संबंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के बयान से यह बात सामने आई है। संस्कारधानी में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए पचौरी ने कहा है कि राहुल गांधी की मंशा है कि मध्यप्रदेश में चुनाव के करीब 6 माह पहले ही उम्मीदवारों को टिकट दे दी जानी चाहिए। वे चाहते हैं कि उम्मीदवारों का चयन पहले कर देना चाहिए जिससे उन्हें क्षेत्र में प्रचार करने का भरपूर मौका मिले। पचौरी मप्र में अगले साल होने वाले चुनाव में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार पर साफ बोलने से बचते नजर आए।
बढ़ गया मनोबल
पत्रकारों से चर्चा करते हुए पचौरी ने कहा कि गुजरात चुनाव परिणाम का देशभर मेंं असर पड़ा है। गुजरात में कांग्रेस की सीटें भी बढ़ी हैं और वोट प्रतिशत भी बढ़ा है। इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी बढ़ गया है और राहुल गांधी के प्रति स्वीकार्यकता बढ़ी है। इसका असर अगले साल होने वाले चुनावों के साथ ही आगामी सभी चुनावों में देखने को मिलेगा। अजयसिंह की तरह सुरेश पचौरी भी मप्र में अगले साल होने वाले चुनाव में कांग्रेस के सीएम उम्मीदवार पर साफ बोलने से बचते नजर आए।
सीएम का चेहरा जरूरी नहीं
इस संबंध में पूछे गए सवाल पर पचौरी ने कहा कि मप्र के लिए अभी इस तरह का कोई फैसला नहीं लिया है। वैसे भी अलग-अलग राज्यों की परिस्थिति के अनुसार यह तय किया जाता है। पंजाब और असम में चुनाव के पहले सीएम उम्मीदवार तय किए गए थे लेकिन अन्य राज्यों में ऐसा नहीं किया गया। सुरेश पचौरी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को बड़ा नेता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय सिंह की वरिष्ठता के आधार पर उन्हें निश्चित तौर पर बड़ा उत्तरदायित्व दिया जा सकता है।
Published on:
26 Dec 2017 10:34 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
