
research definition in hindi and rise of girls in research
जबलपुर। कुछ दिन पहले रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें प्रदेश भर के युवा वैज्ञानिक और रिसर्च स्कॉलर शामिल हुए थे। 300 युवा वैज्ञानिकों में से 190 केवल गल्र्स थी। इसका मतलब यह है कि शोध के क्षेत्र में लड़कियों का वर्चस्व बढ़ रहा है। जबलपुर में भी यही स्थिति है। नए-नए विषय पर शोध कर लड़कियां सफलता की बुलंदियां छू रही हैं। आइए मिलते हैं शहर के शोधार्थियों से, जो रिसर्च फील्ड में एक अलग पहचान बनाना चाहती हैं।
बना रहीं आर्टिफिशियल बोन
शहर की रश्मि चौबे आर्टिफिशियल बोन बना रही हैं। उनका कहना है कि एक्सीडेंट होने पर सर्जरी या ट्रांसप्लांट के जरिए इलाज किया जाता है। वह अपनी रिसर्च के माध्यम से आर्टिफिशियल बोन बना रही हैं, जिससे सर्जरी को अवॉइड किया जा सकेगा। रिसर्च का प्रैक्टिकल चेन्नई के एक संस्थान में करेंगी। रश्मि पिछले दो साल से इस विषय पर शोध कर रही हैं।
अदरक से होगा इलाज
अक्सर अदरक का उपयोग खाने में होता है, लेकिन शहर की रिया मरकाम अदरक का प्रयोग इंफ्लोमेशन बीमारी के इलाज के लिए कर रही हैं। उनका कहना है कि इस बीमारी के इलाज के लिए वर्तमान में केमिकल बेस्ड मेडिसिन उपलब्ध हैं, लेकिन अदरक में खास प्रकार के तत्व पाए जाते हैं, जो पेट और आंतों के लिए उपयोगी हैं। 2016 से इनका शोध जारी है।
रिस्ट बैंड करेगा वीमन सेफ्टी
गल्र्स के साथ हो रही घटनाओं पर लगाम करने का काम ? अमानत मिश्रा ने एक रिस्ट बैंड का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। लड़कियां यदि जरूरत पडऩे पर इस रिस्ट बैंड के बटन को दबाएंगी तो इसकी जानकारी पास के पुलिस स्टेशन को मिलेगी। यह इंटरनेट के जरिए काम करेगा।

Published on:
23 Mar 2018 01:17 pm
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