
आपने लोगों को फौजदारी और दीवानी मामलों को लेकर अदालतों के चक्कर काटते देखा होगा, लेकिन क्या वकीलों और माननीय जजों को अदालती चक्कर लगाते देखा है। जी हां एक ऐसी अदालत भी है जहां आम आदमी ही नहीं बल्कि वकील और जज भी अपने नाम की अर्जी लगाते हैं। इस अदालत में उन मामलों की सुनवाई होती है, जिनके फैसले बड़ी-बड़ी अदालतें नहीं सुना सकतीं। जानना चाहेंगे इस अदालत के बारे में बड़े रोचक हैं इस अदालत के ये खूबसूरत फैक्ट...
दरअसल ये अदालत है जबलपुर स्थित ग्वारीघाट तीर्थ पर बसे सिद्ध गणेश मंदिर की। इस मंदिर में प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश ही आम से लेकर हर खास के जज हैं। जहां आने वाले आम से खास तक सिर्फ सिर झुकाते हैं। क्यों कहा जाता है इस मंदिर को अदालत इस मंदिर रूपी अदालत के बारे में मान्यता है कि इस मंदिर में फैसला खुद भगवान गणपति करते हैं। आपको बताते चलें कि सिद्ध गणेश मंदिर को अदालत यूं ही नहीं कहा जाता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी ही इंट्रेस्टिंग कहानी है।
पढ़ें मंदिर के अदालत बनने की कहानी
मंदिर के प्रधान पुजारी रामबहादुर महाराज के मुताबिक गणेश भगवान के सामने पहली अर्जी मंदिर निर्माण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए लगाई गई थी। रेल लाइन के निर्माण के कारण मंदिर को हटाने की नौबत आ गई थी। उन्होंने विघ्नहर्ता के सामने ही इस बाधा को दूर करने की अर्जी लगाई। कुछ दिन बाद रेल लाइन का रास्ता ही बदल गया और मंदिर सुरक्षित रहा।
गजानन के पास भी समय की कमी
गणेश उत्सव के दौरान इस सिद्ध मंदिर में भक्तों की ऐसी भीड़ उमड़ती है कि यहां विराजे गणपति जी के पास भी समय कम पड़ जाता है। उनका पूरा दिन दीन-दुखियों की अर्जियां सुनते-सुनते ही बीत जाता है। देश से ही नहीं विदेश से भी आते हैं भक्त गणेश उत्सव के दौरान लोग सुबह से लेकर रात तक भगवान गणेश की अदालत में अपनी मनोकामना की अर्जी लगते है। माना जाता है कि गणेश उत्सव के इन दिनों में जो भी मांगा जाए, वो गणेश उत्सव संपन्न होते-होते मिल ही जाता है। यानी गणेश उत्सव के इन 10 दिनों में ही गणपति बप्पा अर्जी लगाने वालों की मनोकामना पूरी कर देते हैं। सिद्ध गणेश मंदिर के प्रधान पुजारी रामबहादुर महाराज बताते हैं कि इस मंदिर में मजदूर से लेकर जज तक और देश से लेकर विदेश तक से भक्त यहां आकर अर्जी लगा चुके हैं। कोई नौकरी के लिए अर्जी लगाता है तो कोई संतान प्राप्ति के लिए, तो कोई किसी और काम के लिए।
इस रजिस्टर में दर्ज हैं अर्जियां
आपको बता दें कि यहां आने वाले भक्त अपनी हर तरह की मनोकामना के लिए एक रजिस्टर में अपनी अर्जी लिखवाते हैं, जिसे मंदिर के पुजारी भगवान गणेश के सामने पढ़ कर सुनाया जाता है। कोर्ट फीस के रूप में एक नारियल भेंट किया जाता है। हालांकि मंदिर में सालभर अर्जियां लगाई जाती हैं। लेकिन गणेश उत्सव के दौरान इनकी संख्या बढ़ जाती है। प्रधान पुजारी बताते हैं कि मंदिर में अब तक डेढ़ लाख से ज्यादा अर्जियां आ चुकी हैं, जिसका पूरा लेखा-जोखा मंदिर प्रबंधन के पास सुरक्षित रहता है। गणेश उत्सव मनाने पहुंचते हैं लाखों भक्त सिद्ध गणेश मंदिर को लेकर भक्तों में इतना अटूट विश्वास है कि यहां गणेश उत्सव पर हर साल लोगों की भीड़ उमड़ती है। हर दिन हजारों-लाखों लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। गणेश उत्सव के अलावा आम दिनों में भी सिद्ध गणेश मन की हर बात को सुनते हैं और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद देते हैं।
Updated on:
20 Sept 2023 12:04 pm
Published on:
20 Sept 2023 11:59 am
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