
sihora vidhan sabha seat- जबलपुर जिले की विधानसभा सीटों में से एक सिहोरा विधानसभा का चुनाव भाजपा के संतोष बरकड़े जीत गए हैं। संतोष बरकड़े ने कांग्रेस की एकता ठाकुर को 42772 से हरा दिया। 17 नवंबर को हुए मतदान में यहां 80.09 फीसदी मतदान हुआ था। यह चुनाव इसलिए भी दिलचस्प था कि आदिवासी बहुल इलाके का चुनाव था और भाजपा ने यहां नया प्रत्याशी मैदान में उतारा था।
एकता ठाकुर
37 साल की पोस्ट ग्रेजुएट कांग्रेस प्रत्याशी एकता ठाकुर वर्तमान में जिला पंचायत की सदस्य हैं। 2004 में छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत की थी। वे एनएसयूआई में 2007 से 2008 तक प्रदेश समन्वयक रही। एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव भी रहीं। आदिवाससी इलाके में अच्छी पकड़ होने के कारण और युवा होने के कारण यह टिकट मिला था।
संतोष बरकड़े
आदिवासी युवा नेता हैं और जबलपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष भी हैं। आदिवासियों में अच्छी पकड़ होने के कारण उन्हें यह टिकट दिया गया है। सिहोरा विधानसभा भाजपा का गढ़ है। संतोष बरकड़े की क्षेत्र में अच्छी पकड़ भी है।
मुख्य मुद्दे
सिहोरा को एक अलग जिला बनाने की मांग काफी समय से चल रही है, जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। दिग्विजय सिंह के शासनकाल के वक्त कांग्रेस के पूर्व विधायक नित्य निरंजन खमरिया ने सिहोरा को नया जिला बनाने की कोशिश की थी।
Sihora Election: जबलपुर जिले की सिहोरा विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। 2018 के चुनाव में भाजपा की नंदिनी मरावी चुनाव जीती थीं। उस समय कुल दो लाख 11 हजार 657 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। भाजपा प्रत्याशी नंदिनी को 73312 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार खिलाड़ी सिंह आर्मो को 66 हजार 489 वोट मिले। हार-जीत का अंतर 6823 था।
इससे थोड़ा पहले के चुनाव पर नजर डाले तो 2013 में भाजपा की उम्मीदवार नंदिनी मरावी ही चुनाव जीती थीं। उन्हें 63 हजार 931 वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार जमुना मरावी को 48927 वोट मिले। हार-जीत का अंतर 15004 था।
इसी तरह 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में भी नंदिनी मरावी विधायक बनी थी। नंदिनी को 40780 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मुन्ना सिंह मरावी को 24025 वोट मिले थे। हार-जीत का अंतर 16 हजार 755 था।
जबलपुर विधानसभा चुनाव
Updated on:
03 Dec 2023 03:56 pm
Published on:
04 Nov 2023 10:17 am
