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CG Naxal Surrender: 28 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 89 लाख का था इनाम, इधर सोनू को धमकी

CG Naxal Surrender: अबूझमाड में नक्सल संगठन बिखर रहा है। अब मंगलवार को नारायणपुर में एक और बड़ा सरेंडर हुआ। इसमें 28 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी।

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CG Naxal Surrender: 28 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 89 लाख का था इनाम, इधर सोनू को धमकी

पुलिस के समक्ष समर्पण करने वाले महिला और पुरुष नक्सली (Photo Patrika)

CG Naxal Surrender: देश के गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले महीन अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया था। उस दौरान माड़ में सक्रिय 200 से ज्यादा नक्सलियों ने जगदलपुर में सरेंडर किया था। इसके बाद से लगातार अबूझमाड में नक्सल संगठन बिखर रहा है। अब मंगलवार को नारायणपुर में एक और बड़ा सरेंडर हुआ। इसमें 28 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ दी।

पहले यह सरेंडर बुधवार को होना था लेकिन इसे अचानक मंगलवार को ही शेड्यूल किया गया। माना जा रहा है कि बुधवार को भी बस्तर के किसी जिले में सरेंडर हो सकता है। बीते दो दिन में ही सुकमा और नारायणपुर के सरेंडर आंकड़े 43 तक पहुंच चुके हैं। बस्तर में नक्सलवाद अब खत्म होने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। नारायणपुर में सरेंडर करने वालों में 19 महिला और 9 पुरुष हैं।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी समेत अन्य पुलिस अधिकारियों के सामने सभी ने आत्मसमर्पण किया। तीन नक्सली अपने साथ एसएलआर, इंसास और 303 राइफल जैसे हथियार लेकर आए थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर 89 लाख रुपए का इनाम था। आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में अलग-अलग स्तरों के सदस्य शामिल हैं।

जिसमें माड़ डिवीजन डीवीसीएम सदस्य, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के सैन्य सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा एरिया कमेटी सदस्य, तकनीकी टीम सदस्य, सैन्य प्लाटून पीपीसीएम, सैन्य प्लाटून सदस्य, एसजेडसीएम भास्कर की गार्ड टीम के पार्टी सदस्य, सप्लाई टीम सदस्य, एलओएस सदस्य और जनताना सरकार के सदस्य शामिल हैं।

नारायणपुर में 11 महीने में 287 का सरेंडर

नारायणपुर एसपी रॉबिन्सन गुरिया ने मंगलवार को बताया आज की कार्रवाई के बाद 2025 में जिले में कुल 287 न नक्सली हिंसा छोडक़र मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नारायणपुर में 28 पुनर्वास दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी विचारधारा का अंत अब निकट है। उन्होंने बाकी नक्सलियों से सरेंडर करने की अपील की।

सरेंडर के मामले में नक्सलियों की अलग-अलग इकाई दो फाड़ हो चुकी है। प्रवक्ता अनंत ने युद्ध विराम की बात कहते हुए सरकार से 15 फरवरी तक का समय मांगा था। इसके बाद अब नक्सलियों की उत्तर तालमेल कमेटी ने कहा है कि भूपति उर्फ सोनू दादा ने जिस तरह से हंसते हुए हथियार डाले उससे कामरेडों का मनोबल टूूटा। सोनू को गद्दार बताते हुए कहा गया कि उसे जमीन में गाड़ दो।