
मतदान से पहले नक्सलियों ने बस्तर में अपने प्रभाव वाले इलाके में उत्पात बढ़ाया
जगदलपुर। CG Election 2023 : राज्य में दो चरणों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। पहले चरण में बस्तर की 12 सीटों पर चुनाव होना है। बस्तर के लिए अलग चरण तय करने का मुख्य कारण यहां की संवेदनशीलता है। हर चुनाव में नक्सली यहां पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। इस बार भी वे इसी फिराक में हैं और लगातार धमकीभरे पर्चे जारी कर रहे हैं। बस्तर संभाग में चुनाव के दौरान अब तक चार ग्रामीणों की नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में हत्या कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कांकेर में हुई सभा से पहले जिले के मोरखंडी गांव में तीन ग्रामीणों को नक्सलियों ने मौत के घाट उतार डाला। इसी तरह बीजापुर में गुरुवार को गलगम निवासी एक ग्रामीण को नक्सलियों ने मार डाला।
इस बीच नक्सली लगातार अपने प्रभाव वाले इलाकों में दहशत फैलाने के लिए मतदान बहिष्कार के पर्चे जारी कर रहे हैं। फोर्स के लिए नक्सलियों के इस उत्पात के बीच सफलतापूर्वक शांतिपूर्ण मतदान करवाना एक बड़ी चुनौती है। सूबे के चुनावी समर में बस्तर के बाशिंदे हर बार चेतावनी और चुनौती के बीच फंसे नजर आते हैं। इस बार भी उन्हें मतदान करने से रोका जा रहा है। दूसरी तरफ निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन लगातार ग्रामीणों को वोट डालने के लिए प्रेरित कर रहा है। बस्तर में इस बार 125 ऐसे नए मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं जो कि नक्सलियों के प्रभाव क्षेत्र में हैं। इस बात से भी नक्सली काफी बौखलाए हुए हैं।
मतदान कर्मियों से नक्सली कह रहे- अपने रिस्क पर आएं चुनाव करवाने
बीजापुर जिले में नक्सलियों के पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने तीन दिन पहले एक पर्चा जारी करते हुए कहा था कि बीजापुर जिले के 245 मतदान केंद्रों में मतदान करवाने आने वाले कर्मी अपने रिस्क पर यहां आएं। पुलिस के साथ यहां आने पर उनकी जान को खतरा हो सकता है। मतदान कर्मियों से कमेटी के सचिव मोहन ने अपील की थी कि वे चुनाव करवाने ना आएं। इस पर्चे के बाद पुलिस ने बयान देते हुए कहा था कि नक्सली बौखलाहट में इस तरह के बयान जारी कर रहे हैं। मतदान कर्मियों को चुनाव करवाकर सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
पिछले चुनाव के दौरान भी हत्याएं की, पूर्व विधायक को भी मारा
नक्सली हर चुनाव के वक्त दहशत फैलाने के लिए ग्रामीणों पर मुखबिरी का आरोप लगाकर उनकी हत्याएं करते रहे हैं। चुनाव के वक्त वे फोर्स की भारी संख्या की वजह से उनसे सीधा मुकाबला करने की स्थिति में नहीं होते हैं। ग्रामीण उनके सॉफ्ट टारगेट होते हैं और वे उन्ही की हत्या करते हैं। 2018 के चुनाव में बीजापुर जिले के गंगालूर, बेदरे और जांगला में एक-एक ग्रामीण की हत्या की गई थी। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की हत्या कर नक्सलियों ने दहशत फैला दी थी।
जंगलों में फोर्स के ऑपरेशन हुए तेज
नक्सलियों की धमकी को फोर्स गंभीरता से ले रही है और सुरक्षित माहौल में चुनाव करवाने के लिए बस्तर के जंगलों में फोर्स के लगातार ऑपरेशन चल रहे हैं। जहां-जहां पर कैंप स्थापित किए गए हैं वहां से लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। 7 नवंबर को चुनाव से पहले प्रभावित इलाके में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फोर्स लगातार जंगलों में सर्चिंग कर रही है। रोड ओपनिंग पार्टियां लगातार गश्त कर रही हैं। इस बार के चुनाव में बस्तर में 60 हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई है।
Published on:
04 Nov 2023 05:00 pm
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