
बस्तर के पर्यटन को वैश्विक पहचान (photo source- Patrika)
Dhudmaras Village: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित धुड़मारास गांव जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक एवं सीईओ किर्सी ह्यवैरिनेन आगामी 23 से 28 फरवरी 2026 तक बस्तर प्रवास पर रहेंगी।
यह भ्रमण छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं जिला प्रशासन बस्तर के समन्वय से आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य धुड़मारास तथा आसपास के क्षेत्रों में ऑन-साइट मेंटरशिप एवं योजना कार्य के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करना है।
इस दौरान वे स्थानीय हितधारकों, ग्रामीणों एवं हस्तशिल्पियों से संवाद कर पर्यटन के नए अवसरों की पहचान करेंगी। यह दौरा न केवल बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर भी सृजित करेगा।
किर्सी धुड़मारास में पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवलोकन करेंगी और धुर्वा डेरा होमस्टे के माध्यम से स्थानीय जीवनशैली और खान-पान का अनुभव लेंगी। इसके साथ ही बाँस हस्तशिल्प कारीगरों के साथ तकनीकी चर्चा कर उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और विपणन संभावनाओं पर मार्गदर्शन देंगी।
उनके छह दिवसीय प्रवास की शुरुआत 23 फरवरी को जगदलपुर आगमन एवं चित्रकोट जलप्रपात के भ्रमण से होगी। इसके पश्चात कोटमसर गुफा और तीरथगढ़ जलप्रपात का अवलोकन, साथ ही कायकिंग और राङ्क्षफ्टग जैसी साहसिक गतिविधियों का तकनीकी मूल्यांकन भी किया जाएगा।
विशेष रूप से वे स्थानीय समुदायों को यूनाइटेड नेशंस बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम की जानकारी देंगी और सतत ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पर्यटन ढांचे पर अपनी विशेषज्ञ राय साझा करेंगी।
Published on:
18 Feb 2026 12:44 pm
