
Jagdalpur News: नगरनार प्लांट की प्रभावित बेटियां आज सालों बाद भी अपने हक के लिए दर-दर भटक रहीं है। उनका कहना है कि पात्र होते हुए एनएमडीसी उन्हें नौकरी पर नहीं रख रहा है। जबकि इसके लिए उन्होंने ही रास्ता बताया था। उन्होंने कहा कि पहले तो उनका केस कोर्ट में चल रहा था।
लेकिन प्लांट प्रबंधन ने कहा कि वे 4 लोग अन्नपूर्णा पटनायक, अरूणा पटनायक, योगिता बाला और फूलमती पटनायक का केस उनके तय मानकों के अंतगर्त आता है। (Chhattisgarh News) ऐसे में यदि वे कोर्ट से अपना केस वापस ले लेतीं है तो उन्हें तय मापदंडों के हिसाब से नौकरी मिल जाएगी। इन चार लोगों ने कोर्ट के मामले से अपना नाम वापस ले लिए। लेकिन इसके बाद प्लांट प्रबंधन ने अपने बयान से पलटी मार दी।
नगरनार एनएमडीसी स्टील प्लांट भू प्रभावित महिलाओं ने एक बार फिर नौकरी नहीं देने पर एनएमडीसी स्टील प्लांट प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही है। भू प्रभावित 4 महिलाओं ने एनएमडीसी स्टील प्लांट के सामने धरना देने का ऐलान किया है।
महिलाओं ने कहा कि वे लंबे समय से इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं। गुहार लगा-लगाकर वे थक चुकी हैं। अब थक हारकर वे आंदोलन के रास्ते पर जाने को मजबूर हैं। प्लांट प्रभावित बेटियों का कहना है कि अब वे अपना हक लेकर रहेंगी।
गौरतलब है कि इसे पूर्व भू प्रभावित 98 महिलाओं ने महिला आयोग के समक्ष अपनी गुहार लगाई थी। आयोग ने सभी बेटियों के पक्ष में फैसला सुनाया था। (Chhattisgarh News) आयोग के आदेश पर जिला प्रशासन ने पुन: सर्वे किया जिसके बाद आयोग ने सर्वे में योग्य पाई गई भू प्रभावित महिलाओं को नौकरी देने का आदेश दिया था।
Jagdalpur News: लेकिन एनएमडीसी प्रबंधन राज्य महिला आयोग के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट चला गया, भू प्रभावित महिलाओं का आरोप है कि एनएमडीसी प्रबंधन के उच्च अधिकारियों ने उन्हें रिप पिटिशन से अपना नाम हटवा लेने के एवज में तुरंत नौकरी देने का वादा किया था जिसके बाद 4 महिलाओं ने अपना नाम हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई से हटवा लिया। अब एक बार फिर इन महिलाओं ने प्रबंधन के खिलाफ धरना देने का ऐलान किया है।
Published on:
13 Dec 2024 01:22 pm
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