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Teachers Promotion: शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला! 908 शिक्षकों को मिली एक साथ पदोन्नति

Teachers Promotion: 908 शिक्षकों और प्रधान पाठकों को पदोन्नति का तोहफा मिला है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से विद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।

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शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला (Photo Source- Patrika)

शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला (Photo Source- Patrika)

Teachers Promotion: बस्तर संभाग में लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग द्वारा कुल 908 शिक्षकों और प्रधान पाठकों को पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रक्रिया को विभागीय पदोन्नति समिति की ओर से गहन जांच और विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया।

Teachers Promotion: विद्यालयों में बढ़ेगी प्रशासनिक दक्षता

पदोन्नति के लिए 1 अप्रैल 2024 की स्थिति को आधार मानते हुए एक अंतिम संयुक्त वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी। इसी सूची के आधार पर पात्र शिक्षकों का चयन किया गया और उन्हें ‘‘प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक शाला)’’ के पद पर पदोन्नत किया गया। संवर्गवार आंकड़ों पर नजर डालें तो ई-संवर्ग के 30 शिक्षकों (15 नियमित और 15 एलबी) को पदोन्नति मिली है।

वहीं टी-संवर्ग में 878 शिक्षकों को लाभ मिला, जिसमें 166 नियमित और 712 एलबी श्रेणी के शिक्षक शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनके अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर आगे बढऩे का अवसर मिला है। पदोन्नत शिक्षकों को नई जिम्मेदारियां मिलने से विद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में यह कदम अहम साबित हो सकता है।

शीघ्र ही काउंसलिंग प्रक्रिया

संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा एचआर सोम ने जानकारी दी कि पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब अगला चरण पदस्थापना का है। इसके लिए शीघ्र ही काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें शिक्षकों को उनकी पसंद और आवश्यकता के अनुसार स्कूलों में नियुक्त किया जाएगा।

बस्तर संभाग में शिक्षकों की पदोन्नति का यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक और संरचनात्मक चुनौतियों का परिणाम है। इस निर्णय के पीछे कई अहम कारण और परिस्थितियां रही हैं:

Teachers Promotion: वर्षों से लंबित पदोन्नति

बस्तर संभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पिछले कई वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे। विभिन्न कारणों जैसे—

वरिष्ठता सूची का विवाद
संवर्ग (E और T) का पुनर्गठन
एलबी (लैब असिस्टेंट/लोकल बॉडी) और नियमित शिक्षकों के बीच समन्वय की कमी
की वजह से प्रक्रिया अटकी हुई थी। इससे शिक्षकों में असंतोष भी बढ़ रहा था।

संवर्ग एकीकरण और नियमों में बदलाव

छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग द्वारा बीते वर्षों में शिक्षकों के संवर्गों को लेकर कई बदलाव किए गए। पंचायत एवं नगरीय निकायों के शिक्षकों (LB संवर्ग) और स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षकों के बीच वेतनमान, पदनाम और पदोन्नति नियमों को लेकर असमानताएं थीं। सरकार द्वारा इन विसंगतियों को दूर करने और एक समान प्रणाली लागू करने के प्रयासों के बाद ही पदोन्नति का रास्ता साफ हुआ।

शिक्षा व्यवस्था पर असर

पदोन्नति नहीं होने से स्कूलों में कई समस्याएं सामने आ रही थीं:

प्रधान पाठक के पद लंबे समय से खाली
प्रशासनिक कार्य प्रभावित
शिक्षकों की जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन नहीं