
Lala Jagdalpuri Central Library: रायपुर. नक्सलियों के आतंक की कहानी बताने वाला बस्तर अब नए इतिहास लिख रहा है। कभी पिने के पानी को तरसते लोगों आज नेशनल लेवल के अवार्ड जीत रहे है। जी हां बदल रहा है छत्तीसगढ़ का आमचो बस्तर।
संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में स्थित लाला जगदलपुरी केंद्रीय पुस्तकालय (Lala Jagdalpuri Central Library) शैक्षिक विकास की नई उम्मीद बनकर बस्तर क्षेत्र की तस्वीर बदल रहा है। दरअसल, पूर्व में बस्तर क्षेत्र के छात्र छात्राएं सुविधा के अभाव में परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाते थे। यहां तक की परीक्षा से जुड़ी किताबों को हासिल करने उन्हें प्रदेश की राजधानी रायपुर तक का सफर तय करना पड़ता था। मगर प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े पुस्तकालय लाला जगदलपुरी लाइब्रेरी के खुल जाने से बस्तर की तस्वीर बदलती नज़र आ रही है। वर्तमान में जगदलपुर में साक्षरता दर महज 53.15 प्रतिशत है, यही कारण है कि बस्तर क्षेत्र में शैक्षिक विकास के लिए ऐसे संस्थानों और पुस्तकालयों का निर्माण बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
24 घंटे संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध
लाला जगदलपुरी केंद्रीय पुस्तकालय में पाठकों के लिए 24 घंटे अध्ययन से जुड़ी संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हैं। पुस्तकालय में विभिन्न अखबार, हजारों साहित्यिक किताबें, विद्यार्थियों के लिए स्कूल कॉलेज की किताबें, प्रतिभागियों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की किताबें और बुजुर्गों के लिए अन्य रोचक किताबें उपलब्ध हैं। यही कारण है कि बस्तर जिले के कई गांवों से आने वाले बच्चे व बुजुर्ग पुस्तकालय में आकर रोजाना अध्ययन करते हैं और उपलब्ध सभी सुविधाओं का लाभ उठाते हैं।
तीन मंजिला पुस्तकालय में तीन अलग-अलग लर्निंग जोन
पुस्तकालय के लिए बनाई गई भव्य तीन मंजिला इमारत में छात्रों के लिए तीन अलग-अलग लर्निंग जोन मौजूद हैं, प्रत्येक जोन तीन अलग-अलग मंजिल पर स्थित है। तीन जोन्स का विवरण इस प्रकार है :
1. रीडिंग जोन : भूतल पर पाठकों के लिए रीडिंग जोन का निर्माण किया गया है और विभिन्न प्रकार की हजारों पुस्तकें अध्ययन करने के लिए यहां मौजूद हैं।
2. ई लर्निंग जोन : इस तीन मंजिला लाइब्रेरी में दूसरी मंजिल पूरी तरह से ई-लर्निंग के लिए समर्पित है। यहां ई-पुस्तकें पढ़ने के लिए कंप्यूटर सिस्टम्स उपलब्ध हैं।
3. किड्स जोन : आखिरी मंजिल पर स्कूली बच्चों के लिए किड्स जोन उपलब्ध है। यहां उनके लिए किताबों के अलावा शतरंज जैसे खेल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
न्यूनतम शुल्क पर उठायें लाभ
कोई भी अपने नाम से जारी आधिकारिक आईडी के बिना पुस्तकालय में प्रवेश नहीं कर सकता है। लेकिन एक बहुत अच्छी बात यह है कि केवल पहचान पत्र और न्यूनतम शुल्क प्रदान कर कोई भी पुस्तकालय की आजीवन सदस्यता प्राप्त कर सकता है। आजीवन सदस्यता के लिए ₹2000 से कम में पूरी प्रक्रिया संपन्न की जा सकती है। इसके अलावा हर महीने कम शुल्क देकर सदस्यता प्राप्त करने का भी विकल्प मौजूद है।
24 घंटे और सातों दिन खुला रहता है नालंदा परिसर
छत्तीसगढ़ सरकार का नालंदा परिसर रायपुर 24 घंटे और सातों दिन संचालित होता है। इसमें पढ़ने के लिए इंडोर और आउटडोर रीडिंग की व्यवस्था की गई है। एक ही समय पर 1000 लोग अध्ययन करते हैं। यहां लाइब्रेरी के लिए 1.5 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विषयों की 50 हजार पुस्तकें मौजूद हैं। इसी तरह 112 हाइटेक कम्प्यूटर की ई-लाइब्रेरी 100 एमबीपीएस स्पीड की लीजलाइन बनाई गई है, ताकि युवा आसानी से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकें। पूरे परिसर को फ्री वाई-फाई जोन के रूप में विकसित है। यहां 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड के साथ ही सदस्यों के प्रवेश के लिए आरएफ आईडी कार्ड की व्यवस्था की गई है।
Published on:
04 Jun 2022 06:19 pm
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