
जयपुर। महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित एक कोचिंग संस्थान में रविवार शाम कक्षा के दौरान अचानक 10 छात्र-छात्राएं बेहोश हो गए। घटना के बाद कोचिंग संस्थान में अफरा-तफरी मच गई। महेश नगर थाना पुलिस ने बेहोश हुए छात्र-छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया। घटना की जानकारी मिलते ही समर्थकों के साथ छात्र नेता भी पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और छात्रों में झड़प भी हुई। इसके बाद छात्र नेता निर्मल चौधरी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए, धरना सुबह तक जारी है। वहीं, मौके पर 6 थानों की पुलिस डेरा डाले हुए है।
पुलिस के अनुसार, कक्षा संचालित हो रही थी, तब अचानक छात्रों को एक अजीब सी गंध आई, जिसके बाद उनकी खांसी शुरू हो गई। यह कक्षा कोचिंग संस्थान की दूसरी मंजिल पर चल रही थी। जयपुर सांसद मंजू शर्मा भी अस्पताल में भर्ती छात्र-छात्राओं से मिलने पहुंचीं।
पुलिस ने बताया कि दस जने बेहोश हुए थे। इनमें आठ छात्राएं और दो छात्र हैं। उधर निजी अस्पताल में भर्ती पांच छात्राओं को एसएमएस अस्पताल मेडिकल करवाने ले जाया गया। एंबुलेंस में बैठी छात्राओं का कहना था कि उन्हें गाड़ी में बैठने से परेशानी हो रही है। दो बच्चों को उनके परिजन अन्य निजी अस्पताल ले गए थे।
राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी और एनएसयूआइ प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के कहने पर छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर इकट्ठे होने लगे। पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद छात्र नेता निर्मल चौधरी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। भीड़ को देखते हुए रात करीब 11 बजे दंगा नियंत्रण वाहन और टीम को मौके पर बुलाया गया। साथ ही 6 थानों की पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया।
इधर, निर्मल चौधरी रातभर अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठे रहे। चौधरी ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अग्नि के सहारे अन्याय के खिलाफ जंग जारी है।
अस्पताल में चिकित्सकों का कहना है कि छात्र-छात्राओं को एक अजीब गंध के कारण खांसी शुरू हो गई थी। सर्दी के मौसम में छात्र-छात्राएं दरवाजे और खिड़कियां बंद करके पढ़ाई कर रहे थे, जिस कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बेहोश छात्र-छात्राओं को निजी अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने आसपास के पानी के पाइप चेक किए, लेकिन उनमें कोई लीकेज नहीं पाया गया। एक छात्र, युधिष्ठर सिंह ने बताया कि कक्षा के दौरान अजीब गंध आने लगी, जिसके बाद छात्रों को खांसी शुरू हो गई और वे बेहोश हो गए। रविवार को भी चल रही थीं कक्षाएं: शहर के कोचिंग संस्थानों में रविवार के दिन भी कक्षाएं संचालित की जा रही थीं, जबकि यह सामान्यत: छुट्टी का दिन होता है।
Updated on:
16 Dec 2024 09:22 am
Published on:
16 Dec 2024 07:45 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
