
कानोता थाना क्षेत्र से लापता हुए छात्र का 14 दिन बाद भी सुराग नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने कानोता थाने के बाहर 5 घंटे धरना प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नायला स्थित सालेरी की ढाणी निवासी लापता 12 वर्षीय बालक आलोक शर्मा पुत्र राधेश्याम का 14 दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं पाई है। दो दिन पहले नायला ग्राम पंचायत परिसर में लापता बालक को जल्द तलाश करने के लिए ग्रामीणों ने एसीपी बस्सी व एसडीएम जमवारामगढ़ को ज्ञापन सौंपकर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। इसके बाद पुलिस खाली हाथ रहने पर गुरुवार को बस्सी व जमवारामगढ़ क्षेत्र से सर्व समाज के सैकड़ों लोग धरने पर बैठ गए और जल्द से जल्द बालक को ढूंढने की मांग की। पुलिस अधिकारियों की ओर से 4 दिन में बालक को ढूंढने की बात कही गई, सहमति के बाद 5 घंटे चल रहा धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा आलोक की सूचना देने वाले के लिए उचित नाम की घोषणा भी की है।
पुलिस के खिलाफ लगाए नारे
14 दिन से लापता हुए बालक के नहीं मिलने पर धरने पर गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। लोगों ने आरोप लगाया कि किसी मंत्री के परिवार या घर से कोई बच्चा या पालतू जानवर भी गायब होता है तो पुलिस दो से चार घंटे में उसे तलाश कर वापस ले आती है, लेकिन थाना क्षेत्र से लापता हुए बालक का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई।
जाम के लिए लोगों ने खींचे बैरिकेट्स
सर्वसमाज के सैकड़ों लोग लापता बच्चे को ढूंढने की मांग को लेकर गुरुवार सुबह 10 बजे धरने पर पहुंचे। करीब 12 बजे तक पुलिस के बड़े अधिकारियों के नहीं आने पर आक्रोशित लोगों ने बैरिकेट्स उठाकर राजमार्ग जाम करने के लिए पहुंचे। सूचना के बाद आला अधिकारी पहुंचे और प्रदर्शनकारी लोगों को समझाइश की। इसके बाद अपरान्ह 3 बजे सहमति के बाद धरना समाप्त हुआ।
सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजाम
ग्राम नायला में दिए गए ज्ञापन के अनुसार गुरुवार को कानोता थाने पर होने वाले धरना प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम किए। साथ ही बस्सी, तूंगा और कानोता थाने के थानाधिकारी मय जाप्ते के मौजूद रहे। वहीं स्पेशल फोर्स भी तैनात रही।
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...नहीं तो आगामी आंदोलन की करेंगे तैयारी
पुलिस प्रशासन के एडिशनल डीसीपी सुमन चौधरी एवं बस्सी एसीपी फूलचंद मीणा ने धरने पर बैठे लोगों से समझाइश की और लापता बालक आलोक की तलाश के लिए अब तक किए गए सभी प्रयासों को आमजन के सामने रखा। पुलिस अधिकारियों ने लापता बालक को ढूंढने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, लेकिन लोगों ने एक सप्ताह का समय नहीं देकर चार दिन का समय दिया है और सहमति देते हुए कहा कि चार दिन बाद आगामी आंदोलन का विचार विमर्श किया जाएगा।
Published on:
23 Feb 2024 11:11 am
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