
जयपुर। राज्य सरकार की ओर से अचल संपत्ति का विवरण देने की दो बार तारीखें बढ़ाए जाने के बावजूद अभी अभी तक अचल संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले अधिकारियों पर सख्ती बरतते हुए सरकार ने इन अधिकारियों के वेतन श्रंखला और पदोन्नति रोक दी है।
अचल संपत्ति का विवरण देने के बाद इन अधिकारियों को पदोन्नति और वेतन श्रंखला का लाभ दिया जाएगा। ऐसा ही एक ताजा मामला सोमवार को देखने को मिला है जब तहसीलदार सेवा से राजस्थान प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत किए गए अधिकारियों की वेतन श्रृंखला सुशीला मीणा की वेतन श्रृंखला रोक दी गई है।
सुशीला मीणा ने अपनी अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन प्रस्तुत नहीं किया था जिस पर उनकी पदोन्नति वेतन श्रंखला रोकी गई है। अचल संपत्ति का विवरण देने के बाद ही उनके लिए अलग से आदेश जारी होंगे।
इधर सोमवार को राज्य सरकार ने राजस्थान तहसीलदार सेवा सेवा से राजस्थान प्रशासनिक सेवा में हाल ही में पदोन्नत किए गए 63 अधिकारियों को राजस्थान प्रशासनिक सेवा की कनिष्ठ वेतन श्रंखला साल 2021-22 का लाभ दिया गया है। इन अधिकारियों में ललित कुमार, बद्री लाल सुथार, प्रदीप कुमार चौमाल, सुभाष चंद्र गोयल ,प्रभात त्रिपाठी, हनुमान राम चौधरी, सुभाष चंद हेमानी, अरुण कुमार शर्मा, कपिल शर्मा, हरि सिंह शेखावत, सोहन सिंह नरूका, जवाहर राम चौधरी शामिल हैं।
इसके अलावा मनोज सोलंकी, अनुराग हरित, नरेश सोनी, दमयंती कवर, राकेश कुमार, भागीरथ राम, योगेश सिंह देवल, बृजेश कुमार, सतनारायण, अरुण कुमार जैन, सुनीता यादव, जगदीश सिंह आसिया ,दिनेश शर्मा, भारती भारद्वाज, बृजेश गुप्ता, श्रवण सिंह राठौड़, अर्पणा शर्मा, रोहित चौहान, गजेंद्र सिंह, राजकुमार टाडा, संदीप चौधरी, दयानंद रूयल, रमेश चंद्र बहड़िया, सुरेंद्र पाटीदार, सुभाष चंद्र, बलबीर सिंह, सीप्रा जैन, मुनेश कुमारी, कनक जैन, भावना सिंह, स्वाति गुप्ता हैं।
इसके अलावा सीमा खेतान, सुमन शर्मा, विनीता स्वामी, मनसुख राम डामोर, देवी सिंह, सुरेश कुमार हरसोलिया, पंकज बडगूजर, बद्रीनारायण मीणा, प्रवीण कुमार मीणा, राधेश्याम मीणा, राजकुमार मीणा, विजेंद्र सिंह, बंशीधर योगी, नीलम राणा, सुशीला मीणा, श्रीकांत व्यास, रामकिशोर मीणा और मिथिलेश मीणा हैं।
तीन अधिकारियों की अनुशंषा सीलबंद लिफाफे में
वहीं तीन अधिकारियों की अभिशंषा सील बंद लिफाफे में रखी गई है। इनमें सुबोध सिंह चारण, मुकेश चंद्र मीणा और अमीलाल यादव हैं। वहीं सूरजभान बिश्नोई का वार्षिक कार्य मूल्यांकन प्रतिवेदन पुरा नहीं होने के कारण इनके मामले को डेफर करते हुए एक पद रिक्त रखा गया है।
Published on:
13 Sept 2021 10:23 pm
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