
फाइल फोटो- पत्रिका
जयपुर। चारदीवारी के प्रमुख बाजार अब एक बार फिर पुराने हैरिटेज वैभव में नजर आएंगे। चौड़ा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, सिरहड्योढ़ी बाजार और मोती कटला बाजार के साथ आठ ऐतिहासिक गेटों और छोटी-बड़ी चौपड़ों का स्वरूप निखारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। करीब 83 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार कर ली गई है और दिसंबर तक काम शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना की नोडल एजेंसी हैरिटेज नगर निगम को बनाया गया है।
पहले चरण में हैरिटेज कंजर्वेशन, फसाड और फसाड लाइटिंग के तहत चारों बाजारों और आठों गेटों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। सबसे पहले बरामदों और फुटपाथों की मरम्मत होगी। इसके बाद छोटी और बड़ी चौपड़ के साथ आठों गेटों पर फसाड लाइटिंग का काम किया जाएगा। इससे इमारतें रात में भी दमकेंगी और बाजारों की पहचान फिर से अपने पुराने रंग में लौटेगी।
त्रिपोलिया और चौड़ा रास्ता में पुरानी फसाड लाइटों को हटाकर नई लगाई जाएंगी। दुकानों के नामकरण में एकरूपता लाई जाएगी और सभी प्रतिष्ठानों पर समान आकार के बोर्ड होंगे। इसके अलावा बाजारों में डस्टबिन लगाए जाएंगे ताकि कचरा संग्रहण व्यवस्थित हो सके।
अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, चांदपोल गेट, घाटगेट, जोरावरसिंह गेट, सूरजपोल गेट और सम्राट गेट का नवीनीकरण किया जाएगा।
बरामदों की छतों पर लगे एसी कंडेनसर यूनिट्स को छिपाने के लिए बरामदों के ऊपर सड़क की ओर दो फीट ऊंची कंगूरा-वॉल बनाई जाएगी। त्रिपोलिया और सिरहड्योढ़ी बाजार में यह वॉल बनेगी, जबकि चौड़ा रास्ता में हैरिटेज जालियां लगाई जाएंगी। चारों बाजारों के बीच डिवाइडर को भी हैरिटेज लुक दिया जाएगा।
बाजारों और गलियों के मोड़ों पर एक जैसे हैरिटेज साइनेज लगाए जाएंगे, जिन पर इलाके और सड़कों के नाम होंगे। वहीं, हवामहल के सामने एक आकर्षक सेल्फी पॉइंट बनाया जाएगा ताकि पर्यटक हवामहल के साथ यादगार तस्वीरें ले सकें। इसके लिए माणक चौक स्कूल के बाहर स्थान चिह्नित किया जाएगा।
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पीडीकोर ने परियोजना की डीपीआर तैयार कर ली है। उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस विषय पर शहर के व्यापारियों से चर्चा भी कर ली है। अब हैरिटेज नगर निगम टेंडर डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप दे रहा है। एक सप्ताह में टेंडर जारी होने की संभावना है और दिसंबर में कार्य शुरू हो जाएगा। पहले चरण में 45 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दूसरे चरण में खुले तारों और ऑप्टिकल फाइबर केबल को यूटिलिटी डक्ट के माध्यम से भूमिगत किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 83 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
Published on:
30 Oct 2025 06:00 am
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