
एसएमएस अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष अग्रवाल। फाइल फोटो पत्रिका
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार एसएमएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष अग्रवाल के बैंक लॉकर की जांच की। सोमवार को खोले गए लॉकर में 850 ग्राम सोने के जेवर मिले।
एसीबी को आशंका है कि डॉ. अग्रवाल के और भी बैंक लॉकर हो सकते हैं। घर की तलाशी के दौरान एक लॉकर की जानकारी मिली थी, अब एसीबी विभिन्न बैंकों से यह जानकारी मांगेगी कि डॉ. मनीष अग्रवाल या उनके परिजन के नाम से अन्य लॉकर हैं या नहीं।
एसीबी ने एक दिन पहले ही एसएमएस अस्पताल में डॉ. अग्रवाल की अलमारी से दस्तावेज जब्त किए थे, जिनकी जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि एसीबी ने ब्रेन कॉइल सप्लाई से संबंधित एक फर्म के 12.50 लाख रुपए के बिलों के भुगतान के बदले एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए डॉ. मनीष अग्रवाल को रंगे हाथ पकड़ा था।
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रिश्वत की राशि छिपाने में सहयोग करने के आरोप में उनके घर काम करने वाले एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके पहले चार जमीनों के दस्तावेज मिले जिनमें रिद्धि-सिद्धि स्थित एक फ्लैट भी शामिल है। डॉक्टर ने बताया था कि उस फ्लैट में किराएदार रहता है। एसीबी ने फ्लैट को निगरानी में लेकर तलाशी की तैयारी शुरू कर दी है।
Updated on:
13 Oct 2025 08:19 pm
Published on:
13 Oct 2025 08:19 pm
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